नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने छोटी कारों की घटती बिक्री को लेकर चिंता जताई है। कंपनी ने सरकार से छोटी कारों की बिक्री बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करने की मांग की है। कंपनी का कहना है कि नियमों और लागत बढ़ने के चलते ऑल्टो, एस-प्रेसो और अन्य छोटी कारों की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे लोग अब SUV की तरफ ज्यादा रुझान दिखा रहे हैं।
छोटी कारों की मांग में भारी गिरावट
मारुति सुजुकी के मुताबिक 2015-16 में जहां करीब 10 लाख (9,34,538) छोटी कारें बिकी थीं, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 25,402 यूनिट्स रह गया है। मई 2025 में कंपनी ने ऑल्टो और एस-प्रेसो की सिर्फ 6,776 यूनिट्स बेचीं, जबकि पिछले साल मई में यह संख्या 9,902 यूनिट्स थी।
SUV की बढ़ती डिमांड से घटा कारोबार
SUV की बढ़ती मांग का असर मारुति की अन्य लोकप्रिय कारों जैसे बलेनो, सिलेरियो, डिजायर, इग्निस, स्विफ्ट और वैगनआर की बिक्री पर भी पड़ा है। मई 2025 में इन मॉडलों की 61,502 यूनिट्स बिकीं, जबकि पिछले साल मई में 68,206 यूनिट्स बिकी थीं।
‘नियमों के चलते दाम बढ़े’
मारुति सुजुकी के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि सरकार के नियमों के चलते छोटी कारों के दाम बढ़े हैं, जिससे ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को कुछ प्रोत्साहन देने की जरूरत है ताकि बाइक-स्कूटर खरीदने वाले लोग भी कार की तरफ आकर्षित हो सकें।
छोटी कारों की हिस्सेदारी 30 फीसदी से कम
मारुति सुजुकी ने बताया कि कुल यात्री वाहनों में छोटी कारों की हिस्सेदारी अब 30 फीसदी से भी कम हो गई है। कंपनी चाहती है कि सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी या टैक्स छूट जैसी योजनाएं लाए ताकि ग्राहकों को राहत मिल सके और बिक्री में इजाफा हो सके।
अगर सरकार मारुति की गुहार पर ध्यान देती है तो आने वाले समय में छोटी कारों की बिक्री में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।