DeepSeek: दुनियाभर में छाया AI टूल, जानें लोगों में छिपे इसके खास राज
नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से नए आयाम छू रहा है। हाल ही में एक नया AI टूल DeepSeek चर्चा में है, जो अपनी अत्याधुनिक क्षमताओं के चलते दुनियाभर में लोकप्रिय हो रहा है। चीन की कंपनी DeepSeek द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म, मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) जैसी तकनीकों से लैस है।
क्या है DeepSeek?
DeepSeek एक एडवांस्ड AI मॉडल है, जिसे कंटेंट क्रिएशन, डेटा एनालिसिस और टास्क ऑटोमेशन के लिए डिजाइन किया गया है। हाल ही में लॉन्च हुए DeepSeek-V3 मॉडल ने बाजार में हलचल मचा दी है। यह मॉडल खासतौर पर कोडिंग और लॉजिकल रीजनिंग में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है।
कम लागत, बड़ा प्रभाव
अन्य AI मॉडल्स की तुलना में DeepSeek की एक बड़ी खासियत इसकी कम लागत में विकास है। जहां बड़े AI मॉडल्स के निर्माण में अरबों डॉलर खर्च होते हैं, वहीं DeepSeek को महज 6 मिलियन डॉलर (लगभग 50 करोड़ रुपये) में तैयार किया गया है।
लोगों में क्यों हो रही इसकी चर्चा?
DeepSeek लॉन्च होते ही तेजी से लोकप्रिय हो गया। ऐप स्टोर्स पर यह रिकॉर्ड ब्रेकिंग डाउनलोड्स कर रहा है। इसकी खासियतें इसे अन्य AI टूल्स से अलग बनाती हैं—
- बेहतर लॉजिकल रीजनिंग: DeepSeek-R1-Zero नामक इसका एक संस्करण बिना सुपरवाइज्ड ट्रेनिंग के भी शानदार परफॉर्म करता है।
- उन्नत कोडिंग क्षमता: यह डेवलपर्स के लिए AI कोड असिस्टेंट की तरह काम करता है।
- मल्टी-फंक्शनल: डेटा एनालिसिस से लेकर ऑटोमेशन तक, DeepSeek कई क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
भविष्य में क्या है संभावनाएं?
विशेषज्ञों का मानना है कि DeepSeek आने वाले समय में AI इंडस्ट्री को नई दिशा देगा। इसकी लागत प्रभावी रणनीति और उन्नत तकनीक इसे अन्य बड़े AI मॉडल्स के लिए चुनौती बना सकती है।
क्या DeepSeek भविष्य में OpenAI और Google जैसे बड़े AI प्लेटफॉर्म्स को टक्कर दे पाएगा? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल यह टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नया सितारा बनकर उभरा है।