सर्दियों की दस्तक के साथ घरों में गर्म पानी की जरूरत तेजी से बढ़ जाती है। तेज़ी से पानी गर्म करने और अपेक्षाकृत कम खर्च के कारण गैस गीजर कई घरों की पहली पसंद बन जाता है। लेकिन सही इंस्टॉलेशन और उपयोग के नियमों की अनदेखी इसे खतरनाक बना सकती है। हर साल ठंड के मौसम में गैस गीजर से जुड़ी दम घुटने और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस से बेहोशी या मौत तक की घटनाएं सामने आती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस गीजर खुद समस्या नहीं है—गलत जगह लगाना, खराब वेंटिलेशन और लापरवाही असली वजह होती है। थोड़ी सी सावधानी से इन जोखिमों से आसानी से बचा जा सकता है।
क्यों खतरनाक हो सकता है गैस गीजर?
गैस गीजर एलपीजी जलाकर पानी गर्म करता है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन की खपत होती है और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है, जो रंगहीन और गंधहीन लेकिन बेहद जहरीली होती है। बंद बाथरूम में यह गैस जमा हो जाए तो व्यक्ति को पता भी नहीं चलता और गंभीर हादसा हो सकता है।
सुरक्षित उपयोग के लिए अपनाएं ये 5 नियम
1) वेंटिलेशन सबसे जरूरी
जिस बाथरूम में गैस गीजर लगा हो, वहां पर्याप्त वेंटिलेशन अनिवार्य है। सिर्फ खिड़की काफी नहीं—एग्जॉस्ट फैन जरूर लगवाएं, ताकि जहरीली गैस बाहर निकलती रहे।
2) सही ऊंचाई और सुरक्षित फिटिंग
गीजर को आंखों के स्तर से थोड़ा ऊपर लगवाएं, ताकि फ्लेम पर नजर रहे। इसे बिजली के स्विच, प्लग या वायरिंग के ठीक ऊपर न लगाएं। मजबूत क्लैंप और मानक पाइपिंग का इस्तेमाल करें।
3) संभव हो तो बाथरूम के बाहर इंस्टॉलेशन
जगह हो तो गैस गीजर बाथरूम के बाहर लगवाएं और केवल गर्म पानी की पाइप अंदर लाएं। इससे गैस जमा होने का जोखिम काफी घट जाता है।
4) नहाने से पहले पानी गर्म कर लें
बाल्टी में पहले पानी गर्म करें, फिर गीजर बंद कर दें। छोटे, बंद बाथरूम में नहाते समय गीजर चालू रखना जोखिम बढ़ाता है।
5) चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें
चक्कर आना, घबराहट, जी मिचलाना, सांस लेने में दिक्कत, ज्यादा नींद आना या आंखों में जलन—ये CO गैस के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। तुरंत बाहर निकलकर ताजी हवा लें।
याद रखें
गैस गीजर सुविधा देता है, लेकिन जिम्मेदारी भी मांगता है। सही इंस्टॉलेशन, नियमित जांच और सावधानी भरा उपयोग सर्दियों में आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकता है।
