साल 2025 का आज आखिरी दिन है और पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने की अंतिम समय-सीमा 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। यदि आपने अब तक पैन–आधार लिंक नहीं कराया है, तो आपको भारी जुर्माना देने के साथ-साथ कई जरूरी वित्तीय और टैक्स से जुड़ी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पैन–आधार लिंक न होने की स्थिति में बैंकिंग सेवाएं, आयकर रिटर्न फाइलिंग, टैक्स रिफंड और अन्य वित्तीय लेन-देन प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या पैन–आधार लिंकिंग सभी के लिए अनिवार्य है या कुछ लोगों को इससे छूट दी गई है।
किन लोगों को पैन–आधार लिंकिंग से मिली है छूट?
आयकर विभाग के नियमों के अनुसार कुछ श्रेणियों को इस अनिवार्यता से राहत दी गई है—
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति (सुपर सीनियर सिटीजन) को पैन–आधार लिंक कराने से छूट दी गई है।
- एनआरआई (Non-Resident Indian) यानी भारत के निवासी नहीं होने वाले व्यक्तियों पर यह नियम लागू नहीं होता।
- असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर में रहने वाले निवासियों को भी पैन–आधार लिंकिंग के दायरे से बाहर रखा गया है।
इन श्रेणियों में आने वाले लोग बिना पैन–आधार लिंक किए भी अपने खातों और वित्तीय गतिविधियों को संचालित कर सकते हैं।
बच्चों और जॉइंट अकाउंट को लेकर क्या है नियम?
कई लोग यह मानते हैं कि बच्चों और जॉइंट अकाउंट धारकों को इस नियम से छूट है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है।
- यदि 8 वर्ष से कम उम्र का बच्चा पैन कार्ड रखता है और टैक्स के दायरे में आता है, तो उसका पैन–आधार लिंक कराना जरूरी है।
- कुछ मामलों में बच्चों का पैन कार्ड माता-पिता से जुड़ा होता है, लेकिन फिर भी नियमों के अनुसार व्यक्तिगत पैन–आधार लिंकिंग आवश्यक हो सकती है।
- जॉइंट अकाउंट होने की स्थिति में भी खाते से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग अपना पैन और आधार लिंक कराना होगा।
लिंक न कराने पर क्या नुकसान?
यदि पैन–आधार लिंक नहीं कराया गया तो—
- टैक्स रिफंड अटक सकता है
- रिफंड पर मिलने वाला ब्याज भी नहीं मिलेगा
- आयकर से जुड़ी कई सुविधाएं बंद हो सकती हैं
इसलिए यदि आप छूट की श्रेणी में नहीं आते हैं, तो पैन–आधार लिंकिंग तुरंत कराना आपके हित में है, ताकि भविष्य में किसी तरह की वित्तीय परेशानी से बचा जा सके।
