दुनिया के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए रिकॉर्ड नौवां विश्व ब्लिट्ज चैंपियनशिप खिताब अपने नाम कर लिया। इससे पहले वह वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुके थे, जिससे उन्होंने एक ही टूर्नामेंट में दोहरा कमाल कर दिखाया।
भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी सेमीफाइनल में हार गए और उन्हें मंगलवार को आयोजित विश्व ब्लिट्ज चैंपियनशिप में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
फाइनल में कार्लसन का दमदार प्रदर्शन
फाइनल मुकाबले में मैग्नस कार्लसन ने उज्बेकिस्तान के युवा ग्रैंडमास्टर नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव को रोमांचक मुकाबले में 2.5-1.5 से हराया। पहले तीन गेम के बाद दोनों खिलाड़ी 1.5-1.5 की बराबरी पर थे, लेकिन निर्णायक मुकाबले में कार्लसन ने एक अनोखी रणनीति अपनाते हुए जीत दर्ज की।
संघर्ष के बाद मिली बड़ी सफलता
क्वालिफाइंग स्विस राउंड में लगातार हार के बाद कार्लसन को नॉकआउट सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी। ऐसे में यह खिताबी जीत उनके लिए खास मायने रखती है और ब्लिट्ज फॉर्मेट में उनके दबदबे को एक बार फिर साबित करती है।
अर्जुन एरिगैसी का शानदार प्रदर्शन
हालांकि अर्जुन एरिगैसी फाइनल में जगह नहीं बना पाए, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया। उनका कांस्य पदक भारतीय शतरंज के लिए एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
