बेंगलुरु। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 4 जून 2025 को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई दुखद भगदड़ पर लगभग तीन महीने बाद अपनी चुप्पी तोड़ी। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। कोहली के देर से दिए गए बयान पर सोशल मीडिया में फैंस ने नाराजगी जताई है, और कई ने सवाल उठाया कि “अब तक कहां थे?” और “आपको शर्म आनी चाहिए।”
ऐतिहासिक जीत का जश्न मातम में बदला
3 जून 2025 को RCB ने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब जीता था। यह जीत फ्रेंचाइजी और इसके फैंस के लिए ऐतिहासिक थी। इस खुशी को फैंस के साथ साझा करने के लिए RCB ने 4 जून को बेंगलुरु में एक भव्य विजय परेड और चिन्नास्वामी स्टेडियम में समारोह का आयोजन किया। लेकिन इस उत्सव के दौरान स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसने उत्साह को त्रासदी में बदल दिया।
कोहली का बयान: ‘दिल टूटने वाला दिन’
RCB के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किए गए संदेश में विराट कोहली ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, “जिंदगी में कुछ भी आपको 4 जून जैसे दिल टूटने वाले दिन के लिए तैयार नहीं करता। हमारी फ्रेंचाइजी के इतिहास का सबसे खुशी का दिन एक त्रासदी में बदल गया। मैं उन परिवारों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं जिन्होंने अपनों को खोया और उन फैंस के लिए जो घायल हुए। आपका नुकसान अब हमारी कहानी का हिस्सा है। हम सम्मान, देखभाल और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे।”
फैंस की नाराजगी
कोहली के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ फैंस ने उनकी देरी से प्रतिक्रिया पर गुस्सा जाहिर किया। कई यूजर्स ने लिखा, “तीन महीने बाद बोलने का क्या मतलब? उस वक्त कहां थे जब फैंस मर रहे थे?” कुछ ने उनकी चुप्पी को असंवेदनशील करार दिया और कहा कि उन्हें तुरंत इस घटना पर बोलना चाहिए था।

भगदड़ की वजह और जांच
जांच में सामने आया कि RCB के सोशल मीडिया पर विजय परेड के निमंत्रण के कारण करीब 2.5 लाख लोग स्टेडियम पहुंचे थे, जबकि स्टेडियम की क्षमता केवल 35,000 थी। भीड़ प्रबंधन में कमी और आयोजन के लिए पुलिस की अनुमति न लेने के कारण यह हादसा हुआ। कर्नाटक सरकार ने इस घटना की जांच के लिए जस्टिस कुन्हा आयोग का गठन किया, जिसने RCB, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट को जिम्मेदार ठहराया। आयोग ने स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए असुरक्षित भी बताया।
RCB का जवाब और मुआवजा
घटना के बाद RCB ने अपनी चुप्पी तोड़ी और मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही, फ्रेंचाइजी ने ‘RCB Cares’ पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य भविष्य में बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करना है। RCB ने बेंगलुरु में पीड़ितों की याद में एक स्मारक बनाने का भी ऐलान किया है।
विवाद और आलोचना
इस त्रासदी के बाद RCB और विराट कोहली को सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने दावा किया कि कोहली और अन्य खिलाड़ियों ने स्टेडियम के अंदर जश्न जारी रखा, जबकि बाहर लोग मर रहे थे। हालांकि, पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने कहा कि कोहली को व्यक्तिगत रूप से दोष देना गलत है, क्योंकि यह आयोजन प्रबंधन की जिम्मेदारी थी।
