भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के 5वें दिन के दौरान यह खबर सामने आई। भारत की दूसरी पारी के दौरान मैच रुकने पर अश्विन को कप्तान विराट कोहली के गले लगते हुए देखा गया। यह संकेत था कि उनके करियर का यह आखिरी मुकाबला है।
BCCI ने की संन्यास की पुष्टि
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अश्विन के संन्यास की पुष्टि की। BCCI ने लिखा, “महारथी, जादूगरी, प्रतिभा और नवीनता के पर्यायवाची आर अश्विन। भारतीय क्रिकेट के अमूल्य ऑलराउंडर ने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन किया। उन्हें उनके अविश्वसनीय करियर के लिए बधाई।”
अश्विन का शानदार करियर
रविचंद्रन अश्विन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक बेहतरीन स्पिनर और ऑलराउंडर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से भारतीय टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। टेस्ट क्रिकेट में वह भारत के सर्वकालिक सफलतम गेंदबाजों में शामिल रहे।
अश्विन के करियर पर एक नजर:
- टेस्ट मैच: 94 टेस्ट में 486 विकेट और 3129 रन।
- वनडे: 113 वनडे में 151 विकेट।
- टी20: 65 टी20 में 72 विकेट।
- कुल इंटरनेशनल विकेट: 700+
- पद्मश्री सम्मान: अश्विन को 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
मैच के दौरान भावुक विदाई
ब्रिसबेन टेस्ट में अश्विन ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीतते हुए अपने करियर का समापन किया। भारतीय टीम के साथियों ने उन्हें गले लगाकर विदाई दी। अश्विन ने अपने संदेश में भारतीय टीम, फैंस और परिवार को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
नवीनता और महारथ के प्रतीक
अश्विन को उनकी गेंदबाजी में विविधता, बल्लेबाजी में भरोसेमंद योगदान और खेल में रणनीतिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। वह न केवल भारतीय क्रिकेट के बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के एक ऐसे सितारे हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
अश्विन का क्रिकेट से संन्यास भारतीय क्रिकेट के लिए एक युग का अंत है। उनकी जगह भरना मुश्किल होगा, लेकिन उनकी उपलब्धियां और योगदान हमेशा भारतीय क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास में दर्ज रहेंगे।
