नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को खेल क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 और नेशनल एंटी डोपिंग बिल को ध्वनि बहुमत से पारित कर दिया गया। दोनों बिलों को केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सदन में पेश किया। इसके बाद चर्चा और बहस के बाद विधेयकों को भारी समर्थन के साथ मंजूरी मिली।
खेल क्षेत्र को विश्व स्तरीय बनाने का प्रयास
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ये नए कानून भारत को खेलों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि जब भारत ओलंपिक जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी करेगा, तब मजबूत खेल तंत्र होना बेहद आवश्यक है। ये विधेयक इसी दिशा में एक ठोस कदम हैं।
उन्होंने कहा कि एक विशाल देश होने के बावजूद भारत का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। इसलिए अब समय आ गया है कि खेल में उत्कृष्टता के उच्चतम स्तर की तैयारी हो। उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी के बाद भी वे ऐसे महत्वपूर्ण बिलों को पारित कराने में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 की प्रमुख बातें
यह बिल भारत में खेलों के प्रबंधन को पारदर्शी, जवाबदेह और खिलाड़ियों के हितों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSFs), भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) समेत अन्य खेल संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाएगा।
इस बिल के तहत खेल संस्थानों को जनता और सरकार के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा। खासतौर पर महिला और नाबालिग खिलाड़ियों के अधिकारों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे सुरक्षित और सहयोगी माहौल में खेल सकें।
खेल संघों में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने का प्रावधान भी बिल में शामिल है, जिससे किसी भी प्रकार की गुटबाजी या पक्षपात की संभावना समाप्त हो। इसके साथ ही खेल से जुड़ी विवादों को तेजी से निपटाने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि खिलाड़ियों को समय पर न्याय मिल सके।
नेशनल एंटी डोपिंग बिल का उद्देश्य
एंटी डोपिंग बिल के माध्यम से खेलों में डोपिंग के विरुद्ध कड़े कानून लागू किए जाएंगे। इस बिल से डोपिंग रोधी एजेंसियों को अधिक अधिकार और सशक्त शक्तियां मिलेंगी, जिससे खेलों की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
खेल क्षेत्र में नया युग शुरू
दोनों बिलों के पारित होने से भारत के खेल क्षेत्र को नया आयाम मिलेगा। खिलाड़ियों को बेहतर सुरक्षा, सम्मान और समर्थन प्राप्त होगा, जिससे भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी छवि और प्रदर्शन को और मजबूत बना सकेगा।
