चैंपियंस ट्रॉफी 2025: भारतीय टीम के साथ नहीं जाएंगे परिवार, BCCI की नई ट्रैवल पॉलिसी बनी वजह
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए एक नई यात्रा नीति लागू की है, जिसके तहत खिलाड़ियों के परिवार इस टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ यात्रा नहीं कर सकेंगे। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल पर पूरी तरह से केंद्रित रखना है ताकि वे अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकें।
BCCI की नई नीति का कारण
BCCI के एक अधिकारी के अनुसार, “चैंपियंस ट्रॉफी जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को पूरी तरह से अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होती है। ऐसे में परिवार की उपस्थिति से ध्यान भटक सकता है। इसीलिए हमने यह नीति लागू करने का निर्णय लिया है।”
पहले भी ऐसे कई मौकों पर खिलाड़ियों के परिवारों को साथ यात्रा करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इस बार बोर्ड ने इसे सीमित करने का फैसला किया है।
भारतीय टीम का शेड्यूल और ग्रुप स्टेज मुकाबले
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आयोजन 19 फरवरी से 9 मार्च के बीच होगा। इस टूर्नामेंट में भारत को ग्रुप ए में रखा गया है, जिसमें पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश की टीमें भी शामिल हैं। भारतीय टीम अपने सभी मैच दुबई में खेलेगी।
भारतीय टीम का पहला मुकाबला 20 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ होगा, जबकि 23 फरवरी को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी ग्रुप मुकाबला 27 फरवरी को होगा।
भारतीय टीम का स्क्वाड
बीसीसीआई ने पहले ही भारतीय टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण है। टीम की कप्तानी रोहित शर्मा करेंगे, जबकि शुभमन गिल को उप-कप्तान बनाया गया है।
टीम इंडिया की प्रमुख खिलाड़ी:
- रोहित शर्मा (कप्तान)
- शुभमन गिल (उप-कप्तान)
- विराट कोहली
- जसप्रीत बुमराह
- मोहम्मद शमी
- रवींद्र जडेजा
- यशस्वी जायसवाल
क्या होगी इस नीति का असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय खिलाड़ियों की मानसिक स्थिरता और खेल पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद करेगा। हालांकि, कुछ खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह नीति टीम इंडिया के प्रदर्शन को और बेहतर बनाएगी।
निष्कर्ष
BCCI का यह कदम चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम की सफलता के लिए एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नीति का भारतीय टीम के प्रदर्शन पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाते हैं।