नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी Dream11 के बीच चला आ रहा करार अब खत्म हो चुका है। दोनों के बीच 358 करोड़ रुपये की तीन साल की डील 2026 तक चलनी थी, लेकिन “ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025” लागू होने के बाद यह करार बीच में ही टूट गया।
देवजीत सैकिया का बयान
बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कहा कि अब बोर्ड का भविष्य में किसी भी रियल मनी बेस्ड गेमिंग कंपनी से जुड़ना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा, “नए कानून के तहत बीसीसीआई के लिए Dream11 या ऐसी किसी अन्य कंपनी के साथ बने रहना मुश्किल है, इसलिए हम आगे इनके साथ काम नहीं कर पाएंगे।”
Dream11 पर क्यों टूटा भरोसा
साल 2023 में दोनों पक्षों के बीच 358 करोड़ रुपये की डील हुई थी। Dream11 को 2026 तक यह रकम बीसीसीआई को देनी थी। लेकिन ऑनलाइन गेमिंग पर नए कानून के तहत प्रतिबंध लगने के बाद Dream11 का कारोबार प्रभावित हुआ और करार टूट गया।
कौन बनेगा नया स्पॉन्सर
अब एशिया कप से पहले टीम इंडिया को नए मुख्य स्पॉन्सर की तलाश है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई दिग्गज कंपनियां बीसीसीआई के साथ हाथ मिलाने को तैयार हैं।
टाटा, रिलायंस और अडानी ग्रुप जैसे बड़े नाम रेस में शामिल हैं। ग्रो और जेरोधा जैसी फिनटेक कंपनियां भी इच्छुक बताई जा रही हैं।महिंद्रा और टोयोटा जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियां तथा पेप्सी भी संभावित स्पॉन्सर्स की सूची में हैं।
आईपीएल में My11Circle बना पार्टनर
गौरतलब है कि बीसीसीआई का My11Circle के साथ भी करार है, जो आईपीएल का फैंटेसी पार्टनर है। यह कंपनी बोर्ड को हर साल लगभग 125 करोड़ रुपये देती है।
Dream11 के हटने के बाद बीसीसीआई की जर्सी पर अब कौन सा ब्रांड नजर आएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। एशिया कप से पहले बोर्ड को बड़ा फैसला लेना ही होगा।