सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में सच्चे मन से की गई शिवभक्ति से हर मनोकामना पूरी होती है। इस मास में भगवान शिव पृथ्वी पर अपने परिवार के साथ विचरण करते हैं और इस दौरान भक्तों की पूजा-अर्चना को विशेष फलदायी माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस महीने में भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया था, इसलिए यह समय अत्यंत शुभ है।
शिवपुराण और अन्य धर्मग्रंथों के अनुसार, सावन में कुछ विशेष प्रकार के फूल शिवलिंग पर अर्पित करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। आइए जानते हैं वो पांच प्रमुख फूल जो भगवान शिव को अर्पित किए जाने चाहिए।
1. धतूरा
भगवान शिव को धतूरा अति प्रिय है। इसे अर्पित करने से मन के नकारात्मक विचार दूर होते हैं और मानसिक शुद्धि प्राप्त होती है। सावन में शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाना विशेष फलदायी माना गया है।
2. मदार के फूल
मदार का फूल संकटों को दूर करता है। विशेषकर जब शत्रु परेशान कर रहे हों, तब यह फूल सावन में शिवजी को अर्पित करने से राहत मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं।
3. कुंद के फूल
सफेद कुंद के फूल को शिवलिंग पर चढ़ाना मानसिक स्थिरता, शांति और प्रेम की प्राप्ति के लिए शुभ माना गया है। यह फूल शिव को विशेष प्रिय माना जाता है।
4. नीलकमल
नीलकमल भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का प्रभावशाली माध्यम है। इसे अर्पित करने से दुर्भाग्य दूर होता है और घर-परिवार में सुख-शांति बढ़ती है।
5. गुलाब और कनेर के फूल
गुलाब प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक है। सावन में गुलाब अर्पित करने से प्रेम संबंधों में मधुरता आती है। वहीं पीले और सफेद कनेर के फूल चढ़ाने से रोगों से मुक्ति और आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
फूल अर्पण की विधि
- शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले फूल हमेशा ताजे और साफ होने चाहिए।
- टूटे हुए या मुरझाए फूल अर्पित न करें।
- फूल बेलपत्र के साथ अर्पित करें, इससे पूजा पूर्ण मानी जाती है।
- फूल चढ़ाते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
सावन के इस पावन महीने में श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सकारात्मकता, सुख और समृद्धि का वास होता है।