राम नवमी 2025: श्रीराम जन्मोत्सव का पर्व और उसकी महत्ता
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में राम नवमी का विशेष महत्व है। यह पर्व भगवान श्रीराम के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। राम नवमी हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस बार यह शुभ तिथि 6 अप्रैल 2025 को पड़ी है। इस दिन भक्तगण उपवास रखते हैं, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है, और रामायण व रामचरितमानस का पाठ किया जाता है।
राम नवमी 2025: कब है राम नवमी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 5 अप्रैल 2025 को शाम 7:26 बजे शुरू होकर 6 अप्रैल 2025 को शाम 7:22 बजे समाप्त होगी। चूंकि हिंदू धर्म में उदयातिथि का महत्व अधिक माना जाता है, इसलिए राम नवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी।
राम नवमी का महत्व
भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। उन्होंने सत्य, धर्म और न्याय की स्थापना की और सदैव मर्यादा का पालन किया। इस दिन भक्त उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेते हैं। यह पर्व समाज में प्रेम, शांति और सद्भावना को बढ़ावा देने का भी संदेश देता है।
राम नवमी की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्तियों को गंगाजल से स्नान कराएं।
- पूजन के लिए चंदन, फूल, धूप, दीप और भोग अर्पित करें।
- श्रीरामचरितमानस, सुंदरकांड या रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
- पूजा के बाद श्रीराम की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।
- इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना शुभ माना जाता है।
राम नवमी पर विशेष उपाय
- यदि काम में बाधा आ रही हो तो भगवान राम और माता सीता को हल्दी, कुमकुम और चंदन अर्पित करें।
- लंबी बीमारी से मुक्ति के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान मंदिर में दर्शन करें।
- परिवार में सुख-शांति के लिए घर में रामायण का पाठ करें।
राम नवमी का पर्व भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े आदर्शों को अपनाने और उनके सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा देता है। यह दिन हर भक्त के लिए आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।