Phulera Dooj 2025: राधा-कृष्ण की प्रेममयी होली, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम और होली उत्सव से जुड़ा हुआ है। इस दिन से वृंदावन और बरसाना में होली के रंग शुरू हो जाते हैं।
फुलेरा दूज 2025 का शुभ मुहूर्त
- तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2025, सुबह 06:10 बजे
- तिथि समाप्त: 3 मार्च 2025, सुबह 04:55 बजे
फुलेरा दूज का महत्व
- अशुभ प्रभावों से मुक्ति – यह दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए विवाह और अन्य शुभ कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के किए जा सकते हैं।
- राधा-कृष्ण के प्रेम की अभिव्यक्ति – इस दिन भगवान कृष्ण और राधा की झांकी सजाई जाती है, और मंदिरों में विशेष पूजा होती है।
- होली का शुभारंभ – इस दिन वृंदावन, बरसाना और नंदगांव में होली खेलने की शुरुआत होती है।
- सौभाग्य और समृद्धि – इस दिन पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
कैसे मनाएं फुलेरा दूज?
- भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की मूर्ति को गुलाल और फूलों से सजाएं।
- मंदिरों में विशेष कीर्तन और भजन होते हैं, जिनमें भाग लें।
- दान-पुण्य करें, विशेष रूप से जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान करें।
- घर में मिठाइयों और पकवानों का भोग लगाएं और परिवार के साथ उत्सव मनाएं।
फुलेरा दूज का दिन प्रेम, भक्ति और उल्लास से भरपूर होता है। इस शुभ अवसर पर रंगों के साथ भगवान के प्रेम का आनंद लें और अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।