Holi 2025: पालक, चुकंदर, खाने वाले रंग और गोबर से कैसे बनता है गुलाल?
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होली रंगों का त्योहार है, लेकिन बाजार में मिलने वाले कैमिकल युक्त गुलाल से कई बार त्वचा और स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। ऐसे में प्राकृतिक और हर्बल रंगों का इस्तेमाल बेहतर होता है। पालक, चुकंदर, खाने वाले रंग और यहां तक कि गोबर से भी सुरक्षित और इको-फ्रेंडली गुलाल बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि—
1. पालक से हरा गुलाल
- पालक को अच्छी तरह धोकर पीस लें।
- इसका रस निकालकर उसमें कॉर्नस्टार्च मिलाएं और इसे सुखा लें।
- सुखने के बाद इसे बारीक पीस लें और हरा गुलाल तैयार है।
2. चुकंदर से गुलाबी गुलाल
- चुकंदर को कद्दूकस कर लें और उसका रस निकाल लें।
- इस रस को बेसन या कॉर्नस्टार्च में मिलाकर एक मिश्रण बनाएं।
- इसे धूप में सुखाकर पीस लें और आपका गुलाबी गुलाल तैयार है।
3. खाने वाले रंग से सुरक्षित गुलाल
- हल्दी से पीला, टेसू के फूल से नारंगी और हिबिस्कस फूल से लाल रंग का गुलाल बनाया जा सकता है।
- इन प्राकृतिक रंगों को बेसन, अरारोट या कॉर्नस्टार्च में मिलाकर सुखाने के बाद पीस लें।
4. गोबर से इको-फ्रेंडली गुलाल
- गाय के गोबर को सुखाकर उसमें हर्बल रंग मिलाकर गुलाल बनाया जा सकता है।
- यह त्वचा के लिए सुरक्षित होता है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता।
क्यों करें हर्बल गुलाल का इस्तेमाल?
- त्वचा और आंखों को नुकसान नहीं होता।
- पर्यावरण को कोई हानि नहीं पहुंचती।
- कैमिकल युक्त गुलाल की तुलना में अधिक सुरक्षित और पारंपरिक विकल्प।
इस होली, केमिकल रंगों को छोड़कर प्राकृतिक और हर्बल गुलाल का उपयोग करें और सेहतमंद तरीके से रंगों का आनंद लें!