नई दिल्ली। भगवान श्री गणेश, जिन्हें हिंदू धर्म में प्रथम पूजनीय और विघ्नहर्ता के रूप में जाना जाता है, न केवल भारत में बल्कि विश्व के कई देशों में विभिन्न नामों और रूपों में पूजे जाते हैं। उनकी लोकप्रियता और सांस्कृतिक प्रभाव सीमाओं को पार कर जैन, बौद्ध, और अन्य समुदायों तक फैला हुआ है। गणेश चतुर्थी जैसे पर्व भारत में धूमधाम से मनाए जाते हैं, लेकिन विदेशों में भी उनकी पूजा का विशेष महत्व है। आइए, जानते हैं कि भगवान गणेश को विश्व के विभिन्न देशों में किन नामों से पूजा जाता है और उनकी पूजा की परंपराएं क्या हैं।
भारत में भगवान गणेश के नाम और महत्व
भारत में भगवान गणेश को कई नामों से जाना जाता है, जो उनके गुणों और स्वरूपों को दर्शाते हैं। कुछ प्रमुख नाम हैं:
- गणपति: गणों (समूहों) के स्वामी।
- विघ्नहर्ता: बाधाओं को दूर करने वाले।
- विनायक: मार्गदर्शक और शुभ कार्यों के आरंभकर्ता।
- गजानन: हाथी के मुख वाले।
- लंबोदर: बड़े उदर वाले।
- सिद्धिविनायक: सफलता और सिद्धि प्रदान करने वाले।
- धूम्रकेतु: धूम्र (धुंधले) रंग वाले।
- एकदंत: एक दांत वाले।
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, गणेश जी का जन्म भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हुआ था, जिसे गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व पर 10 दिनों तक भव्य उत्सव आयोजित किए जाते हैं, विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक, और दक्षिण भारत में। गणेश जी को बुद्धि, समृद्धि, और शुभता का प्रतीक माना जाता है, और कोई भी नया कार्य उनकी पूजा के बिना अधूरा माना जाता है।
विदेशों में भगवान गणेश की पूजा और उनके नाम
भगवान गणेश की पूजा भारत के बाहर कई देशों में प्रचलित है, जहां उन्हें स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग नामों से जाना जाता है। नीचे कुछ प्रमुख देशों में उनकी पूजा और नामों की जानकारी दी गई है:
1. श्रीलंका: पिल्लयार
श्रीलंका में भगवान गणेश को पिल्लयार के नाम से पूजा जाता है, विशेष रूप से तमिल हिंदू समुदाय द्वारा। यहां गणेश चतुर्थी का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है, और गणेश जी के 14 प्रसिद्ध मंदिर हैं, जैसे अरियालाई सिद्धिविनायक मंदिर और कटारगामा मंदिर। श्रीलंका में भगवान शिव और कार्तिकेय की पूजा के साथ-साथ गणेश जी की पूजा भी विशेष महत्व रखती है।
2. इंडोनेशिया: गणेश (ज्ञान का प्रतीक)
इंडोनेशिया में, खासकर बाली में, गणेश जी को देवता गणेश के रूप में पूजा जाता है। यहां वे ज्ञान, बुद्धि, और कला के देवता माने जाते हैं। गणेश चतुर्थी का उत्सव भारत की तरह भव्य नहीं होता, लेकिन मंदिरों में प्रतीकात्मक पूजा-अर्चना और विशेष प्रसाद चढ़ाने की परंपरा है। इंडोनेशिया में गणेश जी की इतनी मान्यता है कि 20,000 के नोट पर उनकी तस्वीर अंकित है, जो शिक्षा और कला के प्रतीक के रूप में है। यह नोट 1998 में जारी किया गया था, और इसका थीम शिक्षा पर आधारित था।
3. थाईलैंड: फ्रा फिकानेट
थाईलैंड में भगवान गणेश को फ्रा फिकानेट के नाम से जाना जाता है। उन्हें समृद्धि और सफलता का देवता माना जाता है। थाई संस्कृति में गणेश जी की पूजा विशेष रूप से नए व्यवसाय शुरू करने, विवाह, और अन्य शुभ अवसरों पर की जाती है। बैंकॉक में गणेश देवस्थान जैसे मंदिरों में उनकी विशाल प्रतिमाएं स्थापित हैं, और यहां की सबसे बड़ी गणेश मूर्ति विश्व प्रसिद्ध है। गणेश चतुर्थी पर थाईलैंड में आयोजन भक्ति और उत्साह से भरे होते हैं।
4. जापान: कांगितेन
जापान में गणेश जी को कांगितेन के नाम से पूजा जाता है, और उनकी भक्ति विशेष रूप से बौद्ध समुदाय में प्रचलित है। कांगितेन का दो शरीर वाला स्वरूप सबसे लोकप्रिय है। जापानी लोग उन्हें सौभाग्य और बाधा निवारण के देवता के रूप में पूजते हैं। उनकी पूजा बौद्ध मंदिरों में प्रचलित है, और यह भारतीय संस्कृति का जापानी परंपराओं के साथ मिश्रण दर्शाता है।
5. मॉरीशस: गणपति
मॉरीशस, जिसे अक्सर ‘छोटा भारत’ कहा जाता है, में गणेश चतुर्थी का उत्सव भारत की तरह भव्य और सामुदायिक रूप में मनाया जाता है। यहां भारतीय मूल की अधिकांश आबादी गणेश जी को गणपति के रूप में पूजती है। भव्य पंडालों में विशाल गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं, और 10 दिनों तक भक्ति गीत, प्रार्थनाएं, और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। अंत में, विसर्जन की प्रक्रिया उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न होती है।
6. नेपाल: सूर्यविनायक
नेपाल में भगवान गणेश को सूर्यविनायक के नाम से पूजा जाता है। भक्तपुर में स्थित सूर्यविनायक मंदिर काठमांडू घाटी के चार प्रमुख गणेश मंदिरों में से एक है। इसे सूरज के मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। नेपाल में गणेश जी को सिद्धदाता और संकटमोचन माना जाता है, और भक्त उनकी पूजा कठिन परिस्थितियों से मुक्ति के लिए करते हैं।
7. मलेशिया: सिथी विनयगर
मलेशिया में गणेश जी को सिथी विनयगर के नाम से पूजा जाता है। सेलंगोर के पेटलिंग जया में स्थित श्री सिथी विनयगर मंदिर देश का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध गणेश मंदिर है, जिसे पीजे पिल्लयार मंदिर भी कहा जाता है। यहां गणेश चतुर्थी और अन्य उत्सव भक्ति और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।
8. नीदरलैंड: वरथराज सेल्वाविनयगर
नीदरलैंड के डेन हेल्डर में श्री वरथराज सेल्वाविनयगर मंदिर गणेश जी को समर्पित सबसे पुराना मंदिर है, जिसका निर्माण 1991 में श्रीलंकाई तमिल समुदाय द्वारा किया गया। यह मंदिर विश्व के बड़े गणेश मंदिरों में गिना जाता है, और यहां गणेश जी की पूजा सौभाग्य और समृद्धि के लिए की जाती है।
गणेश जी की वैश्विक प्रसार
भगवान गणेश की पूजा का वैश्विक प्रसार भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म के प्रभाव को दर्शाता है। उनकी पूजा जैन और बौद्ध समुदायों में भी प्रचलित है, जहां उन्हें सौभाग्य, बुद्धि, और कला के देवता के रूप में सम्मान दिया जाता है। गणेश जी की मूर्तियां और चित्रण स्थानीय कला और संस्कृति के साथ मिश्रित होकर एक अनूठा रूप लेते हैं। उदाहरण के लिए, इंडोनेशिया में उनकी तस्वीर नोट पर होना और थाईलैंड में विशाल मूर्तियां उनकी वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।
गणेश जी के 108 नाम और उनकी महिमा
हिंदू धर्म में गणेश जी के 108 नाम प्रसिद्ध हैं, जिनका जाप करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। कुछ अन्य नामों में मंगलमूर्ति, शूपकर्ण, प्रथमेश्वर, और निदीश्वरम शामिल हैं। इन नामों का जाप विशेष रूप से गणेश चतुर्थी और बुधवार के दिन किया जाता है। ‘गणेश चालीसा’ का पाठ भी विघ्न-बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है।