Mahakaleshwar Temple : उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष के अवसर पर इस बार कुछ अलग और अद्भुत देखने को मिल रहा है। हर साल जहां मंदिर को देश-विदेश के फूलों से सजाया जाता है, वहीं इस बार बाबा महाकाल के सबसे प्रिय रुद्राक्ष और डमरू से मंदिर का भव्य श्रृंगार किया गया है। करीब 5 लाख रुद्राक्ष और 11,000 डमरुओं से की गई यह सजावट श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है।
यह अनोखी सजावट गुजरात के वडोदरा स्थित ‘डमरूवाला फाउंडेशन’ द्वारा की गई है। फाउंडेशन के 57 कलाकार बाइक से उज्जैन पहुंचे और कई दिनों की मेहनत के बाद इस दिव्य कलाकृति को साकार किया। सजावट की शुरुआत मंदिर के शिखर, प्रवेश द्वार और परिसर से हुई, जिसके बाद पिलर्स, हॉल और अन्य प्रमुख स्थलों को भी रुद्राक्ष व डमरू से सजाया गया।
महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष पहलवाडिया ने बताया कि यह पहली बार है जब फूलों की जगह बाबा महाकाल को अति प्रिय वस्तुओं से मंदिर की सजावट की गई है। इससे मंदिर का वातावरण और भी अधिक आध्यात्मिक और दिव्य हो गया है।

12 ज्योतिर्लिंग सजाने का लक्ष्य
डमरूवाला फाउंडेशन के सदस्य विभूल पटेल ने बताया कि उनका लक्ष्य देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों को इसी तरह रुद्राक्ष और डमरू से सजाने का है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष केदारनाथ धाम में इसी प्रकार की सजावट की गई थी और अब महाकालेश्वर मंदिर में यह सौभाग्य मिला है।
श्रद्धालुओं में दिखा खास उत्साह
नववर्ष पर लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसी अनोखी सजावट नहीं देखी। रुद्राक्ष और डमरू से सजा मंदिर उन्हें विशेष आध्यात्मिक अनुभूति करा रहा है।
इन प्रमुख स्थानों पर हुई सजावट
इस विशेष श्रृंगार में नंदी गेट, चांदी गेट, महाकाल लोक, बाबा महाकाल का शिखर, नीलकंठ द्वार और नंदी हॉल को खास तौर पर सजाया गया है। नववर्ष पर बाबा महाकाल का यह अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया है।
