रायपुर का विवेकानंद आश्रम छत्तीसगढ़ में स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक विचारों और रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं के प्रसार का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह आश्रम न केवल आध्यात्मिक जागरूकता का स्थल है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नति में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
आश्रम का इतिहास
- स्थापना:
विवेकानंद आश्रम की प्रारंभिक स्थापना 1958 में ‘श्रीरामकृष्ण सेवा समिति’ के रूप में स्थानीय भक्तों द्वारा हुई। - स्वामी विवेकानंद का रायपुर से जुड़ाव:
स्वामी विवेकानंद (बालक नरेंद्र) ने अपने जीवन के दो वर्ष (1877-79) रायपुर में बिताए थे। उनकी पावन स्मृति को चिरस्थायी रखने के लिए आश्रम की स्थापना की योजना बनाई गई। - आधिकारिक रूप से रामकृष्ण मिशन से जुड़ाव:
7 अप्रैल, 1968 को रामनवमी के दिन, यह आश्रम रामकृष्ण मिशन, बेलूड़ मठ का पंजीकृत शाखा केंद्र बन गया और इसका नाम ‘रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम’ हो गया।
संस्थापक सचिव:
ब्रह्मलीन स्वामी आत्मानंद जी महाराज ने इस आश्रम की स्थापना और प्रसार में अहम भूमिका निभाई। उन्हीं के प्रयासों से रामकृष्ण विवेकानंद विचारधारा का छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में व्यापक प्रचार हुआ।
मंदिर और प्राण-प्रतिष्ठा
आश्रम प्रांगण में श्रीरामकृष्ण देव का एक सुंदर और भव्य मंदिर स्थित है।
- मूर्ति का विवरण:
मंदिर में संगमरमर से निर्मित श्रीरामकृष्ण देव की भव्य मूर्ति प्रतिष्ठित है। - प्राण-प्रतिष्ठा समारोह:
यह प्राण-प्रतिष्ठा 2 फरवरी 1976 को रामनवमी के अवसर पर स्वामी वीरेश्वरानंद जी (रामकृष्ण मठ और मिशन के दशम संघाध्यक्ष) द्वारा की गई।

पूजा-अनुष्ठान और समय-सारणी
अनुष्ठान | समय |
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मंगल आरती | सुबह 5:00 बजे |
नित्य दशोपचार पूजा | सुबह 7:45 से 8:45 तक |
मंदिर बंद (दोपहर) | दोपहर 12:00 बजे |
मंदिर पुनः खुलने का समय | अपराह्न 4:00 बजे |
संध्या आरती और भजन | शाम 6:15 से 7:30 तक (सूर्यास्त के अनुसार परिवर्तनीय) |
मंदिर बंद (रात्रि) | रात 8:30 बजे |

आश्रम की विशेषताएं
- आध्यात्मिक केंद्र:
- ध्यान और योग की व्यवस्था।
- धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
- शिक्षा और समाज सेवा:
- गरीब और जरूरतमंदों के लिए सहायता।
- नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा और स्वास्थ्य शिविर।
- स्वामी विवेकानंद की स्मृति स्थल:
आश्रम, स्वामी विवेकानंद के रायपुर प्रवास के दौरान उनके जीवन की घटनाओं को प्रदर्शित करता है।
आश्रम का पता और संपर्क
स्थान:
विवेकानंद आश्रम,
रायपुर, छत्तीसगढ़।
पहुंचने का तरीका:
यह आश्रम रायपुर के मुख्य क्षेत्रों से आसानी से पहुंचा जा सकता है। नजदीकी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से यह जुड़ा हुआ है।

समाज पर प्रभाव:
विवेकानंद आश्रम, रायपुर, आध्यात्मिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक उत्थान में अहम भूमिका निभाता है। यह स्थान स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ लाखों लोगों को प्रेरित करता है।
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