धरसींवा : धरसींवा खंड अंतर्गत विभिन्न धान मंडियों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए संयुक्त रूप से मंडी निरीक्षण किया गया। इस दौरान किसानों से प्रत्यक्ष संवाद कर मंडी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई, जिसमें कई गंभीर अव्यवस्थाएं सामने आईं। इन खामियों के चलते किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें नाराजगी देखी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान सिलयारी–कुरूद मंडी में धान की तौल 40.700 दर्ज की गई, जहां तौल प्रक्रिया सामान्य पाई गई।
वहीं मलौद, मौहागांव एवं कुथरेल मंडियों में धान की तौल 41.200 पाई गई। इन मंडियों में गाड़ियों की भारी कमी के कारण धान उठाव पूरी तरह से बंद है। इसके अलावा मंडी परिसर में बाउंड्री वॉल का अभाव है तथा किसानों के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसानों को असुविधा झेलनी पड़ रही है।
इसी प्रकार कुकेरा, रैता एवं मेहरसखा मंडियों में धान की तौल 41.400 दर्ज की गई। यहां मजदूरों की कमी और गाड़ियों की अनुपलब्धता के कारण 14 जनवरी से 31 जनवरी तक धान उठाव पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे किसानों का धान मंडियों में पड़ा हुआ है और नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
दौरे के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रबंधन की मनमानी और लापरवाही के कारण उन्हें समय पर धान बिक्री और उठाव में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।
इस निरीक्षण में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना धरसींवा खंड, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी धरसींवा खंड, छत्तीसगढ़िया युवा क्रान्ति सेना धरसींवा खंड एवं छत्तीसगढ़िया महिला क्रान्ति सेना धरसींवा खंड के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि
- धान उठाव तत्काल शुरू कराया जाए
- पर्याप्त गाड़ियों एवं मजदूरों की व्यवस्था की जाए
- मंडी परिसरों में बाउंड्री वॉल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं
निरीक्षण के दौरान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
गोविंद वर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रभारी आरंग खंड, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, रायपुर ग्रामीण
सागर वर्मा, जिला सचिव, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, रायपुर ग्रामीण
सुशील वर्मा, उपाध्यक्ष, धरसींवा खंड, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी
रवि साहू, आईटी प्रभारी, धरसींवा खंड, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना
महावीर साहू, सुरेन्द्र साहू एवं सूरज निषाद
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों के हित में आंदोलनात्मक कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
