रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित महादेव घाट को अब उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। शहरवासियों के लिए यह एक बड़ी सौगात होगी। महादेव घाट को आधुनिक स्वरूप देने के लिए नगर निगम ने पहले चरण में 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत चौक से मंदिर तक 200 मीटर का क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
नगर निगम करेगा पहले चरण का कार्य
महादेव घाट के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम पहले चरण का काम करेगा। इस चरण में सड़क चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था, बैठने के लिए जगह और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दूसरे चरण में सिंचाई और पर्यटन विभाग की योजना
नगर निगम के बाद दूसरे चरण का विकास कार्य सिंचाई और पर्यटन विभाग की देखरेख में किया जाएगा। इसमें घाट के आसपास की सुविधाओं को बढ़ाने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जाएंगी।
मंदिर के आसपास की दुकानों का होगा पुनर्गठन
महादेव घाट स्थित प्राचीन शिव मंदिर के आसपास की दुकानों को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो। मंदिर क्षेत्र को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
महादेव घाट को नया स्वरूप मिलने से क्या होगा फायदा?
• पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा – महादेव घाट को विकसित करने से पर्यटक आकर्षित होंगे।
• श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधाएं – मंदिर परिसर में बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी।
• सौंदर्यीकरण से बढ़ेगी भव्यता – घाट को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।
• रायपुर की पहचान बनेगा महादेव घाट कॉरिडोर – महाकाल की तर्ज पर इसे विकसित करने से यह रायपुर की एक खास पहचान बनेगा।
जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा, जिससे महादेव घाट को नया और भव्य स्वरूप मिलेगा।