धरसींवा। धरसींवा अंतर्गत ग्राम टांडा में आज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को समर्पित एक भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। गांव में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा, भगवान पुरखा देव बूढ़ादेव की मूर्ति तथा संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास के जैतखाम की स्थापना एक साथ की गई। स्थानीय जनों के अनुसार इस प्रकार तीनों प्रतीकों की संयुक्त स्थापना प्रदेश में पहली बार की गई है।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से भूमि पूजन के साथ हुई। भूमि पूजन जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा संपन्न कराया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, परंपरा और संत परंपरा को एक साथ जोड़ने का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई तथा क्षेत्र में सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।
आयोजकों ने बताया कि यह स्थापना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश भी है।
