मध्यप्रदेश के ग्राम कछाला में जैन मुनियों के साथ हुए मारपीट, जानलेवा हमला, लूटपाट की घटना एवं मुम्बई विले पार्ले स्थित श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगम्बर मंदिर में तोड़फोड़ को लेकर ज्ञापन दिए।
अक्षय डाहट रायपुर – सकल जैन समाज रायपुर की तरफ से सदर जैन मंदिर से कलेक्ट्रेट तक मौन रैली निकाल कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के द्वारा जैन संतों मुनि श्री ऋषभ सागर जी म.सा. एवं मुनि ऋजुप्रज्ञ सागर जी म.सा. आदि ठाना 2 की निश्रा में सिंगौली मध्यप्रदेश के ग्राम कछाला में हुए मारपीट, जानलेवा हमला, लूटपाट की घटना एवं मुम्बई विले पार्ले स्थित श्री चिंतामणि पार्शवनाथ दिगम्बर मंदिर में तोड़फोड़ को लेकर सम्पूर्ण समाज गहरी चिंता व्यक्त करते हैं व निंदा करते हुए ज्ञापन दिया गया।
हाल ही में, असमाजिक तत्वों द्वारा जैन संतों पर एवं मंदिरों, स्थानकों, तीर्थ स्थलों आदि में निरन्तर अलग अलग रूप से जानलेवा हमले किए गए हैं मोटर वाहनों से दुर्घटना कारित की गई है, जिससे उनकी सुरक्षा और जीवन को खतरा उत्पन्न हुआ है। हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर जैन संतों के साथ हाल ही में हुई अमानवीय घटनाएं अत्यंत दुखद और चिंताजनक हैं। जैन साधु और साध्वियों के साथ मारपीट, लूटपाट और अन्य अपराधों में शामिल व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। जैन संतों को लगातार टारगेट किया जा रहा है, व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर, राष्ट्र में अशांति फैलाने का अपराध कुछ असामाजिक तत्वों व अपराधियों द्वारा किया जा रहा है। जिस हेतु इस ज्ञापन द्वारा सकल जैन समाज निम्न मांगें प्रस्तुत करता है:-
समाज की मुख्य मांगेंः
1- सुरक्षा व्यवस्थाः- जैन संतों (साधु साध्वियों) मंदिरों स्थानकों. तीर्थ स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए, जिसमें पुलिस सुरक्षा और अन्य आवश्यक कदम शामिल हों।
2- उन पर हमला करने वालों पर राष्ट्र की धरोहर पर हमला माना जाकर अपराध दर्ज हो व सजा के प्रावधान हों।
3 – संत सुरक्षा एवं संरक्षण आयोगः- जैन संतों (साधु साध्वियों) की पैदल विहार सेवा/विचरण, उनके आवागमन, मंदिरों, स्थानक, तीथों व सभी ग्रंथों धरोहरों के सुरक्षा के लिए एक सुरक्षा व संरक्षण आयोग गठित किया जावे, जो उनकी सुरक्षा और हितों की रक्षा करे।
4- जागरूकता और शिक्षाः- लोगों में जैन संतों के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़ाने के लिए शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम चलाए-जाएं, हर प्रदेश मे शासन के अतिथि के रूप में उनकी देखरेख हो।
5- जैन संतों के साथ हुई घटनाओं की जांच कर अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक भावनाओं का हित का ध्यान रख विशेष व्यवस्था प्रदान की जावे व दोषियों पर कठोर कार्यवाही हो।
ज्ञापन के माध्यम से माननीय महामहिम राष्ट्रपति जी से अनुरोध करते हैं कि जैन संतों की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। हमें उम्मीद है कि आप इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे और उक्त ज्ञापन की मांगों पर उचित कार्यवाही कर जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। यह मौन रैली अभिव्यक्ति की आजादी के साथ धार्मिक सद्भभावना व राष्ट्रीय एकता अखंडता के लिए व संतो की सुरक्षा हेतु की गई है।
शांतिपूर्ण रैली में बच्चे, महिलाएं, व जैन समाज के सभी घटक प्रमुखों ने सहभागिता निभाई।