रायपुर। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में पंचशील बौद्ध विहार, डॉ. राजेंद्र नगर रायपुर में समाजसेवा और मानवता को समर्पित रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों विशेषकर युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह से ही शिविर में लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं और सभी ने उत्साह, अनुशासन और समर्पण की भावना से रक्तदान किया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि युवाओं के साथ-साथ महिलाओं ने भी भारी संख्या में रक्तदान किया, जिससे शिविर को ऐतिहासिक सफलता मिली। रक्तदाताओं ने कहा कि मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
वक्ताओं ने डॉ. आंबेडकर के जीवन संघर्ष, सामाजिक परिवर्तन के लिए उनके योगदान और समानता की सोच पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज समाज को उनके विचारों की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन जीवन बचा सकता है और इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं।
रक्तदान शिविर का संचालन RC Blood Center द्वारा किया गया, जिसे Society for Social Empowerment & Development द्वारा प्रबंधित एवं संचालित किया जाता है। आयोजकों ने जानकारी दी कि एक बड़ी मात्रा में रक्त संग्रह हुआ है, जो जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान करेगा।
शाम को कैंडल रैली का आयोजन – लोगों ने एकता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया
शाम के समय डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की स्मृति में कैंडल रैली का भी भव्य आयोजन किया गया, जिसमें समाज के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में जलती मोमबत्तियाँ और निहित श्रद्धा के साथ लोग शांतिपूर्ण रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान “जय भीम”, “समता – न्याय – भाईचारा जिंदाबाद” जैसे नारे गूंजते रहे। यह दृश्य समाज की एकजुटता, सम्मान और एक बेहतर व न्यायपूर्ण समाज की इच्छा का प्रेरणादायक प्रतीक बना।
रैली में शामिल प्रतिभागियों ने कहा कि यह न सिर्फ स्मरण का दिन है, बल्कि संकल्प का दिन भी है कि हम सभी मिलकर डॉ. आंबेडकर द्वारा दिखाए रास्ते पर चलेंगे और समाज में समानता, शिक्षा और एकजुटता को बढ़ावा देंगे।
