विश्व दिव्यांगजन दिवस पर राज्यपाल श्री रमेन डेका आज सेमरिया स्थित कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दिव्यांग बच्चों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि समाज को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील बनना चाहिए। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि दिव्यांगजन सम्मान, सहयोग और अवसर के हकदार हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
कोपलवाणी संस्था को 5 कम्प्यूटर और उत्कृष्ट विद्यार्थियों के लिए 2 लाख रुपये की घोषणा
कार्यक्रम में राज्यपाल श्री डेका ने विद्यालय से उत्तीर्ण होकर स्वरोजगार व अन्य क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
उन्होंने अपने स्वेच्छानुदान से विद्यालय को 5 कम्प्यूटर देने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
“दिव्यांग बच्चे समाज के अभिन्न अंग” – राज्यपाल
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके लिए बिना बाधाओं वाला वातावरण बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि—
- दिव्यांग पेंशन से आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
- सरकारी नौकरी में आरक्षण, छात्रवृत्ति और मुफ्त सहायक उपकरणों के माध्यम से शिक्षा व स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- अधोसंरचना को दिव्यांगजन अनुकूल बनाए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने दिव्यांग बच्चों से कहा— “आप समाज के अंग हैं, समाज और सरकार दोनों आपके साथ हैं।”
दिव्यांग बच्चों की कला प्रदर्शनी की सराहना
राज्यपाल ने विद्यालय की कक्षाओं का निरीक्षण किया और बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग प्रदर्शनी को देखा। उन्होंने बताया कि उनकी पहल पर इन पेंटिंग्स को लोकभवन द्वारा खरीदा जाता है और आगंतुक अतिथियों को भेंट किया जाता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को भी ऐसी पेंटिंग भेंट की जा चुकी है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य श्रीमती शताब्दी पाण्डेय, वनबंधु संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कांता सिंघानिया, कोपलवाणी संस्थापक श्रीमती पद्मा शर्मा, अन्य अतिथि, अभिभावक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
