डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में धमतरी जिले ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। देशभर में पहली बार समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करारोपण एवं UPI से संपत्ति कर भुगतान की सफल शुरुआत जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सांकरा से की गई।
इस अभिनव पहल के तहत ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए संपत्ति कर का भुगतान किया गया, जिससे ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लेन-देन का नया अध्याय शुरू हुआ। यह व्यवस्था न केवल कर संग्रह को आसान बनाएगी बल्कि पारदर्शिता और समयबद्धता को भी मजबूती देगी।
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने इस नवाचार की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि “अब मुंबई, छत्तीसगढ़ से सीखेगा”। उनका यह वक्तव्य छत्तीसगढ़ द्वारा अपनाई गई डिजिटल व्यवस्थाओं की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता को दर्शाता है।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, संचालक पंचायत छत्तीसगढ़ श्रीमती प्रियंका महोबिया, कलेक्टर धमतरी श्री अबिनाश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री अरुण सार्वा, उपसंचालक पंचायत श्री नकुल वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ श्री रोहित बोरझा, सरपंच नगरी श्री नागेंद्र बोरझा, सचिव श्री मदन सेन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने बताया कि समर्थ पंचायत पोर्टल से करारोपण एवं कर भुगतान की यह प्रणाली पंचायत प्रशासन को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाएगी। नागरिक अब घर बैठे UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से संपत्ति कर जमा कर सकेंगे, जिससे पंचायतों को राजस्व संग्रह में सुविधा मिलेगी और बकाया कर की समस्या भी कम होगी।
प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह ने इसे “डिजिटल इंडिया” और “आत्मनिर्भर पंचायत” की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। वहीं कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी ने तकनीक के माध्यम से सुशासन का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने ग्राम पंचायत सांकरा की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह मॉडल शीघ्र ही पूरे प्रदेश की पंचायतों में लागू किया जाएगा। इस पहल के साथ छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर साबित किया है कि वह डिजिटल नवाचारों में देश का नेतृत्व करने में सक्षम है।
