नई दिल्ली — केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि “ज्ञान की शक्ति से लैस युवा शक्ति ही विकसित भारत के सपने को साकार करने की कुंजी है।” वे आज श्रीराम अकादमी पाठशाला के 20वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि छात्रों को संबोधित कर रहे थे।
सोनोवाल ने छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहते हुए नए विचारों और नवाचार को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “छात्रों को ज्ञान प्राप्त कर उसे समाज के व्यापक कल्याण के लिए प्रभावी रूप से प्रयोग करना चाहिए।”

उन्होंने भारत सरकार की परिवर्तनकारी पहलों—जैसे डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम नई पीढ़ी को नेतृत्व और नवाचार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते हैं।
मूल्य-आधारित शिक्षा पर बल देते हुए उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही, श्री सोनोवाल ने योग और समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों को जीवन में शामिल करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है जो मानसिक स्पष्टता और संतुलन प्रदान करती है।”

समारोह में छात्रों ने नृत्य, संगीत और नाटक जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में भवानीपुर के विधायक फणीधर तालुकदार, भट्टदेव विश्वविद्यालय के कुलपति धनपति डेका, श्रीराम अकादमी की प्रिंसिपल डॉ. काकली दास समेत अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।