Vande Mataram: नई दिल्ली। ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में सोमवार को एक ऐतिहासिक बहस की शुरुआत हुई। लोकसभा में यह विशेष चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के साथ शुरू हुई। 10 घंटे तक चलने वाली इस बहस को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, महत्व और उन संघर्षों पर प्रकाश डाला जाएगा, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई को ऊर्जा दी।
PM मोदी ने लगाया कांग्रेस पर गंभीर आरोप
बहस की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् वह मंत्र है, जिसने आज़ादी के आंदोलन को प्रेरणा और शक्ति दी। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा रहा है।
इसके बाद पीएम मोदी ने सीधे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम् की 100वीं वर्षगांठ के समय देश आपातकाल की जंजीरों में बंधा हुआ था। उस समय संविधान को कुचला गया, देशभक्ति की आवाज़ें दबाई गईं और जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गीत के कुछ मूल छंद हटाने की कोशिश की, जिसे लेकर विवाद बढ़ सकता है।
कौन-कौन शामिल इस ऐतिहासिक बहस में
इस बहस में प्रधानमंत्री मोदी मुख्य वक्ता हैं और उनके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोलेंगे। विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान गीत के इतिहास से जुड़े कई अज्ञात पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।
राज्यसभा में भी होगी विस्तृत चर्चा
लोकसभा के बाद 9 दिसंबर को राज्यसभा में भी वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा प्रस्तावित है। राज्यसभा में इस बहस की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे, जबकि स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी इसमें वक्ता होंगे।
वंदे मातरम् का महत्व फिर केंद्र में
150 वर्षों की इस यात्रा को प्रधानमंत्री ने “भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना की कहानी” बताया। उन्होंने कहा कि यह गीत किसी धर्म, पार्टी या विचारधारा का नहीं, बल्कि “भारत माता की जय” कहने की भावनाओं का प्रतीक है।
