श्योपुर, मध्यप्रदेश।
कूनो नेशनल पार्क से एक और खुशखबरी सामने आई है। मादा चीता नीरवा ने पांच नन्हे शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 29 हो गई है। चीता पुनर्वास परियोजना (Cheetah Reintroduction Project) के तहत यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जो दर्शाती है कि अफ्रीका से लाए गए चीतों को भारत का वातावरण रास आ रहा है।
वन विभाग की टीम इन नवजात शावकों की निगरानी कर रही है ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण में विकसित किया जा सके।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी बधाई
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस अवसर पर खुशी जताई। उन्होंने लिखा, “कूनो में नए मेहमानों का स्वागत है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है। यह भारत की जैव विविधता और चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक है।”
कैसे शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट?
कूनो पहले एक अभयारण्य था, जिसे केंद्र सरकार के निर्देश पर नेशनल पार्क में बदला गया।
- 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को यहां छोड़ा था।
- इसके बाद 18 सितंबर 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते और लाए गए।
चीता प्रोजेक्ट का उद्देश्य विलुप्त हो चुके चीतों को भारत में फिर से बसाना है, और नीरवा के शावकों का जन्म इस प्रयास की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है
नीरवा के शावकों का जन्म कूनो नेशनल पार्क और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। इससे न केवल जैव विविधता को बल मिलेगा, बल्कि यह भारत के वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा।