नई दिल्ली। देश की संसद में उत्कृष्ट, निरंतर और प्रभावशाली योगदान देने वाले सांसदों को सम्मानित करने के लिए हर वर्ष दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार 2025’ के विजेताओं की घोषणा हो गई है। इस वर्ष कुल 17 सांसदों को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार महाराष्ट्र से 7 सांसदों ने संसद रत्न सूची में जगह बनाकर राज्य को गौरवान्वित किया है। इन सांसदों में सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी) और श्रीरंग बारणे (शिवसेना) जैसे अनुभवी और सक्रिय जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष ‘प्राइम पॉइंट फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य उन सांसदों को पहचान देना है, जिन्होंने संसद में सवाल पूछने, बहसों में भाग लेने, विधायी कार्यों में योगदान देने और समितियों में सक्रिय भूमिका निभाने जैसे कार्यों में उत्कृष्टता दिखाई है। सांसदों का चयन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर की अध्यक्षता वाली एक स्वतंत्र जूरी समिति द्वारा किया गया।

महाराष्ट्र के 7 सांसद जिन्हें संसद रत्न पुरस्कार 2025 से नवाजा जाएगा, वे हैं:
- सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी)
- श्रीरंग बारणे (शिवसेना)
- अरविंद सावंत (शिवसेना यूबीटी)
- नरेश म्हस्के (शिवसेना)
- स्मिता वाघ (भारतीय जनता पार्टी)
- मेधा कुलकर्णी (भारतीय जनता पार्टी)
- वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस)
इन नामों से स्पष्ट है कि महाराष्ट्र के सांसदों ने संसद में अपनी सक्रियता, विचारशीलता और निरंतरता से अन्य राज्यों के मुकाबले बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इसके अलावा, इस वर्ष चार वरिष्ठ सांसदों को विशेष संसद रत्न पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। ये वे सांसद हैं जिन्होंने 16वीं और 17वीं लोकसभा के दौरान लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और वर्तमान कार्यकाल में भी समान सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं। इन चार सांसदों के नाम हैं: भर्तृहरि महताब, सुप्रिया सुले, एन. के. प्रेमचंद्रन और श्रीरंग बारणे।

देशभर से चयनित अन्य सांसदों में शामिल हैं:
- प्रवीण पटेल (भाजपा)
- रवि किशन (भाजपा)
- निशिकांत दुबे (भाजपा)
- विद्युत बरन महतो (भाजपा)
- पी. पी. चौधरी (भाजपा)
- मदन राठौड़ (भाजपा)
- सी. एन. अन्नादुराई (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)
- दिलीप सैकिया (भाजपा)
इस सूची में भाजपा सांसदों का बड़ा प्रतिनिधित्व देखा गया है, जिससे पार्टी के कई सांसदों की संसदीय भागीदारी और योगदान का स्तर भी सामने आता है।
सिर्फ व्यक्तिगत सांसद ही नहीं, बल्कि इस वर्ष दो संसदीय स्थायी समितियों को भी संसद में उनकी प्रस्तुत गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टों के लिए सम्मानित किया गया है। ये हैं वित्त समिति और कृषि समिति। वित्त समिति की अध्यक्षता भर्तृहरि महताब कर रहे हैं, जबकि कृषि समिति की अध्यक्षता कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी के पास है।
संसद रत्न पुरस्कार उन जनप्रतिनिधियों के लिए एक प्रेरणा है, जो संसदीय लोकतंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतर जनसेवा को अपनी प्राथमिकता मानते हैं।