PM Modi Degree Case: कोर्ट को दिखा सकते हैं PM मोदी की डिग्री, अजनबियों को नहीं – गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े मामले में एक अहम टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि पीएम मोदी की डिग्री सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है और इसे “अजनबियों” को दिखाने का कोई औचित्य नहीं है। हालांकि, कोर्ट के सामने इसे पेश किया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी की डिग्री को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ा। इससे पहले गुजरात विश्वविद्यालय ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पीएम मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी देने से इनकार कर दिया था। मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की डिग्री को सार्वजनिक रूप से साझा करने की जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने क्या कहा?
गुजरात हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता उसकी निजता का हिस्सा होती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की डिग्री को बिना किसी विशेष कारण के सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, यदि कोर्ट को जरूरत पड़े तो इसे पेश किया जा सकता है।
केजरीवाल और विपक्ष का रुख
अरविंद केजरीवाल और विपक्षी दलों ने कई बार पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात विश्वविद्यालय से डिग्री की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी। लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब विश्वविद्यालय को इसे सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं होगी।
अब आगे क्या?
गुजरात हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को सार्वजनिक करने की कोई बाध्यता नहीं है। हालांकि, यह मामला राजनीतिक रूप से अभी भी चर्चा में बना रहेगा, क्योंकि विपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा है।