नई दिल्ली। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया। अपने 103 मिनट के ऐतिहासिक भाषण में, जो अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण है, पीएम मोदी ने आर्थिक सुधारों, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन पर केंद्रित आठ बड़ी घोषणाएं कीं। इनमें GST सुधार, 1 लाख करोड़ रुपये की रोजगार योजना, सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्माण, और परमाणु ऊर्जा में विस्तार जैसे कदम शामिल हैं।
1. प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना
पीएम मोदी ने युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना का लाभ उठाने के लिए किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी; जैसे ही युवा का पीएफ खाता खुलेगा, वह स्वतः पात्र हो जाएगा। यह योजना अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखती है, जो स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत की ओर एक मजबूत कदम है।
2. मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स
प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2025 के अंत तक भारत अपनी पहली ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप बाजार में लाएगा। उन्होंने बताया कि छह सेमीकंडक्टर इकाइयां पहले से काम कर रही हैं, और चार अन्य को मंजूरी दी गई है। “हम मिशन मोड में हैं ताकि भारत वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बन सके,” पीएम ने कहा।
3. परमाणु ऊर्जा क्षमता में 10 गुना वृद्धि
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना से अधिक बढ़ाएगा। इसके लिए 10 नए परमाणु रिएक्टरों का निर्माण शुरू हो चुका है, और निजी क्षेत्र को भी इस क्षेत्र में शामिल करने की योजना है। उन्होंने कहा, “हमारी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भरता कम करनी होगी।”
4. GST सुधार: दिवाली पर ‘डबल तोहफा’
पीएम मोदी ने GST में अगली पीढ़ी के सुधारों की घोषणा की, जिसे उन्होंने ‘डबल दिवाली गिफ्ट’ करार दिया। ये सुधार दिवाली 2025 तक लागू होंगे, जिनमें रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में भारी कटौती और MSMEs के लिए राहत शामिल है। “आठ साल बाद GST की समीक्षा की गई है। यह सुधार आम लोगों की जेब पर बोझ कम करेंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे,” उन्होंने कहा।
5. 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए रिफॉर्म टास्क फोर्स
भारत को 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पीएम ने एक विशेष रिफॉर्म टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। यह टास्क फोर्स सुशासन को आधुनिक बनाने, रेगुलेटरी बोझ कम करने और आर्थिक विकास को गति देने का काम करेगी। पीएम ने कहा, “हमारा लक्ष्य 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप कानून और नीतियां बनाना है।”
6. अवैध घुसपैठ पर सख्ती: हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन
सीमा क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय असंतुलन पर चिंता जताते हुए पीएम मोदी ने ‘हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा, “घुसपैठिए स्थानीय लोगों की आजीविका छीन रहे हैं। यह देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है। इस मिशन के तहत नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।”
7. नेशनल डीपवाटर एक्सप्लोरेशन मिशन
ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए पीएम ने ‘नेशनल डीपवाटर एक्सप्लोरेशन मिशन’ की घोषणा की। यह मिशन समुद्री संसाधनों, जैसे तेल और गैस, का दोहन करेगा। इसके साथ ही सौर, हाइड्रोजन, हाइड्रो और परमाणु ऊर्जा में बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना है। पीएम ने कहा, “हमारा बजट का बड़ा हिस्सा ईंधन आयात पर खर्च होता है। यह मिशन हमें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा।”
8. मेड इन इंडिया जेट इंजन और नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन
प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों और युवाओं से स्वदेशी जेट इंजन विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कोविड वैक्सीन और UPI की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा, “जैसे हमने वैक्सीन और डिजिटल पेमेंट में दुनिया को चौंकाया, वैसे ही हमें अपने फाइटर जेट्स के लिए स्वदेशी इंजन बनाने चाहिए।” इसके साथ ही, नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन को तेज करने की बात कही, ताकि भारत वैश्विक विनिर्माण का केंद्र बने।
‘विकसित भारत’ का संदेश
पीएम मोदी ने अपने भाषण में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता की सराहना की और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने अमेरिका के टैरिफ प्रस्तावों पर भी जवाब देते हुए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। “आज भारत अपनी शर्तों पर अपनी नियति तय करेगा। हमारा लक्ष्य 2047 तक एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित भारत है,” उन्होंने कहा। यह भाषण न केवल नीतिगत घोषणाओं से भरा था, बल्कि एक नए भारत की आकांक्षाओं को भी दर्शाता था।
