Sansad Diary: किसान कल्याण मोदी सरकार की गारंटी, न्यायिक सुधारों की राज्यसभा में उठी मांग
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को किसान कल्याण और न्यायिक सुधारों पर जोरदार बहस देखने को मिली। सरकार ने दावा किया कि किसानों की भलाई के लिए जारी योजनाओं में और मजबूती लाई जाएगी, वहीं विपक्ष ने न्यायपालिका में सुधार की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
किसान कल्याण पर सरकार का वादा
लोकसभा में कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने किसानों को समर्थन देने के लिए कृषि बाजारों में पारदर्शिता बढ़ाने और डिजिटल इनिशिएटिव्स को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया।
न्यायिक सुधारों पर राज्यसभा में बहस
राज्यसभा में न्यायपालिका में पेंडिंग मामलों, न्यायिक नियुक्तियों और ई-कोर्ट्स की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। कई सांसदों ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स, न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार और न्यायिक जवाबदेही को मजबूत करने की मांग की।
सरकार ने संकेत दिया कि न्यायिक सुधारों पर व्यापक नीति बनाई जा रही है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, लोक अदालतों की भूमिका बढ़ाने और डिजिटल ट्रायल सिस्टम को प्राथमिकता दी जाएगी।
आगे की रणनीति
सरकार और विपक्ष के बीच किसान कल्याण और न्यायिक सुधारों पर आम सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं। अगले हफ्ते इन मुद्दों पर और गहन चर्चा होने की संभावना है।