नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नया इनकम टैक्स बिल 2025 लोकसभा में पेश किया, जिसे सदन ने मंजूरी भी दे दी है। यह बिल पुरानी 1961 की आयकर अधिनियम को पूरी तरह बदलकर आधुनिक और सरल कर व्यवस्था प्रदान करेगा। नया इनकम टैक्स बिल भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली सेलेक्ट कमेटी की 285 सिफारिशों को शामिल करता है, जिससे इसमें कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार और बेहतर क्रॉस-रेफरेंसिंग की गई है।
इस बिल को फरवरी में बजट सत्र में पेश किया गया था, लेकिन तब इसे वापस ले लिया गया था और अब संशोधित रूप में पुनः पेश किया गया है। निर्मला सीतारमण ने इस बिल के साथ ही टैक्सेशन अधिनियम (संशोधन) विधेयक 2025 भी सदन में प्रस्तुत किया।
बड़े बदलाव और प्रमुख प्रावधान
- टैक्स रिफंड में सुधार
पुराने बिल में रिफंड पाने के लिए आयकर रिटर्न समय पर दाखिल करना अनिवार्य था, लेकिन अब इस प्रावधान को हटाकर टैक्सपेयर्स को राहत दी गई है। - इंटर-कॉर्पोरेट डिविडेंड्स प्रावधान
पिछले बिल में सेक्शन 80M के तहत कंपनियों के बीच लाभांश वितरण की बात थी, जो नई संशोधित बिल में शामिल नहीं है। - शून्य TDS प्रमाण पत्र की व्यवस्था
नए बिल में टैक्सपेयर्स को शून्य TDS प्रमाण पत्र (NIL TDS Certificate) जारी करने की सुविधा दी गई है, जिससे कर भुगतान प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी होगी।
टैक्सपेयर्स के लिए फायदे
यह नया इनकम टैक्स बिल टैक्सपेयर्स के लिए कर प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट और न्यायसंगत बनाने का प्रयास करता है। भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के अनुसार, इस बिल के लागू होने से दशकों पुरानी जटिल कर व्यवस्था को बदलकर इसे अधिक प्रभावी और सहज बनाया जाएगा। यह बिल एमएसएमई और आम टैक्सपेयर्स को अनावश्यक कानूनी झंझटों से बचाएगा और कर प्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाएगा।