मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह हवाई अड्डा भारत के सबसे आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल हवाई अड्डों में से एक है और देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट आने वाले समय में एशिया का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी हब बनेगा, जो भारत की विमानन उद्योग को पूरी तरह से बदलकर नया रूप देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज मुंबई का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया है। मुंबई को अब अपना दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिल गया है, जो इस क्षेत्र को एशिया का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”

इस मौके पर उन्होंने मुंबई की भूमिगत मेट्रो सुविधा का भी उद्घाटन किया, जिसे उभरते भारत का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि यह मेट्रो मुंबई जैसे हलचल भरे शहर में, ऐतिहासिक भवनों को सुरक्षित रखते हुए बनाई गई है, जिससे यातायात सुगम होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जब सपनों को साकार करने का दृढ़ संकल्प हो और देशवासियों तक तेजी से विकास का लाभ पहुंचाने की इच्छाशक्ति हो, तो परिणाम अवश्य प्राप्त होते हैं। हमारी विमानन सेवा इसका प्रमुख उदाहरण है।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2014 में जब देश ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी, तो उन्होंने कहा था, “मेरा सपना है कि चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सके।” इस उद्देश्य को साकार करने के लिए नए-नए हवाई अड्डों का निर्माण आवश्यक था। पीएम मोदी ने बताया कि 2014 में भारत में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जबकि अब यह संख्या 160 से अधिक हो चुकी है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “आज जिस मेट्रो लाइन का उद्घाटन हुआ है, वह कई संघर्षों और कृत्यों की याद दिलाती है। यह परियोजना पहले ठप कर दी गई थी, जिससे देश को हजारों करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।” अब इस नई मेट्रो लाइन से 2-2.30 घंटे का सफर केवल 30-40 मिनट में पूरा हो सकेगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी में सुधारों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के सुधारों से कई वस्तुओं के दाम कम हुए हैं, जिससे देशवासियों की आर्थिक क्षमता में वृद्धि हुई है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा, “गर्व से कहो, हम स्वदेशी हैं। यह हर घर और बाजार का मूल मंत्र बन जाना चाहिए।”
