नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 129वें एपिसोड में वर्ष 2025 को भारत के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक साल बताया। देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सुरक्षा, खेल, विज्ञान, पर्यावरण और संस्कृति के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा कि बीता साल भारत को एक सूत्र में पिरोने वाला रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 2025 की सफलताओं ने 2026 के लिए मजबूत नींव तैयार की है।
ऑपरेशन सिंदूर: साहस और संकल्प का प्रतीक
पीएम मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस साहसिक अभियान ने दुनिया को दिखा दिया कि नया भारत अपनी सुरक्षा और सीमाओं को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करता।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान देशभर में राष्ट्रभक्ति की भावना देखने को मिली—चाहे वह सोशल मीडिया हो या सड़कों पर लोगों की प्रतिक्रिया। यह अभियान न केवल रणनीतिक सफलता रहा, बल्कि युवाओं में देशसेवा का जज्बा भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष: सांस्कृतिक चेतना का उत्सव
पीएम मोदी ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘#VandeMataram150’ अभियान के तहत देशवासियों से मिले संदेशों और सुझावों की प्रतिक्रिया अभूतपूर्व रही।
लाखों लोगों की भागीदारी ने इस अभियान को एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दे दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
खेलों का स्वर्णिम वर्ष रहा 2025
प्रधानमंत्री ने 2025 को भारतीय खेलों के लिए ऐतिहासिक साल बताया।
- पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती।
- महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचा।
- भारतीय बेटियों ने ब्लाइंड टी-20 वर्ल्ड कप और एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया।
- पैरा एथलीटों ने विश्व चैंपियनशिप में कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
पीएम मोदी ने कहा कि ये उपलब्धियां सिर्फ पदकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास और सपनों को नई उड़ान देने वाली हैं।
विज्ञान और पर्यावरण में भारत की मजबूत मौजूदगी
विज्ञान के क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने शुभांशु शुक्ला का नाम लिया, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने इसे भारतीय वैज्ञानिकों की मेहनत और युवाओं की महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक बताया।
पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 में चीतों की संख्या 30 से अधिक हो चुकी है, जो वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की दिशा में बड़ी सफलता है। यह प्रयास जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महाकुंभ और राम मंदिर: सांस्कृतिक गौरव की झलक
सांस्कृतिक विरासत पर बोलते हुए पीएम मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख किया, जिसने पूरी दुनिया को भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया।
वहीं साल के अंत में अयोध्या के राम मंदिर पर ध्वजारोहण को उन्होंने हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया।
स्वदेशी को बढ़ावा, आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब लोग स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं ऐसे उत्पाद, जिनमें भारतीय श्रम और मिट्टी की खुशबू हो। यह बदलाव आर्थिक आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ की सोच को मजबूत करता है।
