तियानजिन। चीन के तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और आपसी विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में यह भी सहमति बनी कि मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने दिया जाएगा और चुनौतियों का समाधान मिलकर किया जाएगा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह एक साल से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच दूसरी बैठक थी। पिछली मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुई थी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और कुछ साझा लक्ष्यों को निर्धारित करने पर चर्चा हुई थी।
PM मोदी ने दिया BRICS समिट का निमंत्रण
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जिनपिंग को भारत में 2026 में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन का निमंत्रण दिया। इस निमंत्रण के लिए राष्ट्रपति जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए चीन का पूर्ण समर्थन देने की पेशकश की।

व्यापार और आर्थिक सहयोग पर जोर
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को सुगम बनाने और व्यापार घाटे को कम करने पर भी जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने वैश्विक व्यापार की स्थिरता में भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को स्वीकार किया।
आगे की बैठकें और शिखर सम्मेलन
विदेश सचिव ने यह भी बताया कि सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी SCO शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे, जहां भारत के दृष्टिकोण से क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता पर जोर दिया जाएगा। इसके बाद पीएम मोदी भारत के लिए रवाना होंगे।