हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित तपोवन विधानसभा परिसर में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन जोन-II का वार्षिक सम्मेलन 30 जून से 1 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सोमवार को करेंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान ओम बिरला तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से भी विशेष बातचीत करेंगे, जो कार्यक्रम का एक आध्यात्मिक आकर्षण होगा।
डिजिटल युग में सुशासन पर केंद्रित होगा सम्मेलन
इस सम्मेलन की थीम है “डिजिटल युग में सुशासन: संसाधनों का प्रबंधन, लोकतंत्र की रक्षा और नवाचार को अपनाना”। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के विधायक, विषय विशेषज्ञ और गणमान्य अतिथि शिरकत करेंगे। वे लोकतंत्र की मजबूती, संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और तकनीकी नवाचारों के उपयोग पर मंथन करेंगे।
विधायी और संवैधानिक मुद्दों पर होंगे विचार
CPA जोन-II में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, और दिल्ली व जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी व संवैधानिक विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
- राज्य संसाधनों के प्रबंधन में विधानमंडलों की भूमिका
- संविधान की 10वीं अनुसूची के अंतर्गत दलबदल विरोधी कानून
- विधानसभाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग
उद्घाटन समारोह में होंगे ये प्रमुख चेहरे
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कई शीर्ष नेता और अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिनमें शामिल हैं:
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
- राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश
- विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया
- विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर
- संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान
- अन्य गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधिगण
समापन सत्र को संबोधित करेंगे राज्यपाल
सम्मेलन का समापन सत्र 1 जुलाई को होगा, जिसे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला संबोधित करेंगे। समापन भाषण में सम्मेलन के निष्कर्ष और सुझावों पर प्रकाश डाला जाएगा, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा।
सम्मेलन का उद्देश्य और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
CPA का मुख्य उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना है। यह संगठन राष्ट्रमंडल देशों के सांसदों को एक मंच पर लाकर लोकतांत्रिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। CPA के विश्व स्तर पर नौ क्षेत्र हैं, जिनमें भारत एक प्रमुख भागीदार है। भारत क्षेत्र में नौ ज़ोन शामिल हैं, जिनमें से जोन-II इस सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।