बिहार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में एनडीए द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का असर पूरे राज्य में देखने को मिला। हालांकि, यह शांतिपूर्ण विरोध अब कई स्थानों पर हिंसक संघर्ष और अव्यवस्था में बदल गया है।
जहानाबाद में तनावपूर्ण माहौल
गुरुवार सुबह जहानाबाद के अरवल मोड़ पर एनडीए कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कई आम नागरिक, जो जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकले थे, प्रदर्शनकारियों की बदसलूकी का शिकार हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ लोग दफ्तर जा रहे थे, कुछ परीक्षा देने जा रहे थे और कुछ गंभीर रूप से बीमार थे, लेकिन सभी के साथ बराबर की अवमानना की गई।

महिला कार्यकर्ताओं और शिक्षिका के बीच झड़प
प्रदर्शन के दौरान भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं और एक स्कूल टीचर के बीच बहस के बाद धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। महिला कार्यकर्ताओं का दावा है कि शिक्षिका ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, जबकि शिक्षिका ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ शांतिपूर्वक समझाना था और उन्होंने कभी भी किसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।
छात्रा और गर्भवती महिला को भी नहीं छोड़ा गया
प्रदर्शन के दौरान परीक्षा देने जा रही एक छात्रा को रास्ते में रोक दिया गया। इसी बीच एक एम्बुलेंस को भी रोका गया, जिसमें गर्भवती महिला सवार थीं। इसके अलावा कुछ परिवारों के साथ भी मारपीट की घटनाएं सामने आईं।
मुजफ्फरपुर में झड़प
मुजफ्फरपुर में भाजपा समर्थकों और RAF जवानों के बीच संघर्ष हुआ। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-27 जाम कर दिया, जिससे लंबी गाड़ियों की कतारें लग गईं। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को काबू में किया।
राजनीतिक बयानबाजी और विवाद
बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा पर राजद और कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बंद को शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, तो महिलाओं, छात्राओं और जरूरी सेवाओं को क्यों रोका गया। एनडीए ने कहा कि बंद का उद्देश्य विरोध दर्ज कराना था, और कुछ घटनाएं बंद की छवि को बिगाड़ने की स्थानीय साजिश हो सकती हैं।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है ताकि प्रदर्शन और जरूरी सेवाओं के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
बिहार के कई जिलों में यह विरोध अब सड़कों पर टकराव, हाथापाई और सेवाओं में बाधा का रूप ले चुका है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
