बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार : एक महान कलाकार को श्रद्धांजलि
मुंबई। हिंदी सिनेमा के ‘भारत कुमार’ कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता, निर्माता और निर्देशक मनोज कुमार का शुक्रवार तड़के 3:30 बजे निधन हो गया। 87 वर्ष की उम्र में उन्होंने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ने वाले मनोज कुमार के निधन से बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
अभिनय और निर्देशन से बनाई पहचान
मनोज कुमार की शादी शशि गोस्वामी से हुई थी और उनके दो बेटे, कुणाल और विशाल गोस्वामी हैं। अपने लंबे करियर में उन्होंने अभिनय, निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में खूब नाम कमाया। ‘शहीद’, ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘हिमालय की गोद में’ और ‘क्रांति’ जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने देशभक्ति की भावना को सिनेमा में जीवंत किया। इन फिल्मों ने उन्हें न सिर्फ शोहरत दिलाई बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाया।

170 करोड़ की संपत्ति छोड़ गए ‘भारत कुमार’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज कुमार ने फिल्मों के अलावा रियल एस्टेट में निवेश से भी मोटी कमाई की। मीडिया सूत्रों का दावा है कि उनकी कुल संपत्ति करीब 20 मिलियन डॉलर (लगभग 170 करोड़ रुपये) थी, जो अब उनके परिवार को मिलेगी। यह संपत्ति उनके अभिनय, निर्देशन और प्रोडक्शन के साथ-साथ उनके स्मार्ट निवेश का नतीजा है।
1957 में शुरू हुआ फिल्मी सफर
24 जुलाई 1937 को ब्रिटिश भारत के एबटाबाद (अब पाकिस्तान) में जन्मे मनोज कुमार का असली नाम हरिकिशन गिरी गोस्वामी था। स्कूल के दिनों में दिलीप कुमार की फिल्म ‘शबनम’ से प्रभावित होकर उन्होंने अपना नाम मनोज कुमार रख लिया। 1957 में फिल्म ‘फैशन’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और फिर देशभक्ति फिल्मों के बादशाह बन गए।

सेहत ने दिया धोखा
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, मनोज कुमार की मौत कार्डियोजेनिक शॉक से हुई, जो एक गंभीर हार्ट अटैक का परिणाम था। इसके अलावा, वह पिछले कुछ महीनों से डिकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे, जिसने उनकी हालत और बिगाड़ दी। उनके निधन से सिनेमा जगत ने एक अनमोल रत्न खो दिया, जिसकी भरपाई मुश्किल है।