बोले– किसानों और मजदूरों को जोड़ने की योजना, भ्रम फैलाना लोकतंत्र के लिए घातक
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर गलत सूचना फैलाने और कानून को लेकर अनावश्यक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौहान ने स्पष्ट कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं और सच्चाई से दूर हैं।
किसानों और मजदूरों के समन्वय की योजना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर किसानों और मजदूरों के बीच समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देना है। उन्होंने सवाल किया, “अगर किसान और मजदूर मिलकर काम करते हैं, तो इसमें गलत क्या है?”
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील करते हुए कहा कि इस तरह का झूठ और भ्रम फैलाना उन्हें शोभा नहीं देता।
एआई जनरेटेड तस्वीरों पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर किए जा रहे पोस्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि एआई-जनरेटेड तस्वीरों के जरिए गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में इस तरह की भ्रामक तस्वीरें साझा करना कितना उचित है। चौहान ने विपक्ष से “झूठ का अड्डा बंद करने” की अपील की।
एमएनआरईजीए अभियान पर भी निशाना
कांग्रेस के ‘बचाओ एमएनआरईजीए’ अभियान पर टिप्पणी करते हुए चौहान ने कहा कि यह गांधी जी के सत्य की अवधारणा नहीं, बल्कि सत्य का मजाक है। उन्होंने अभियान में इस्तेमाल की जा रही शब्दावली पर भी सवाल उठाए।
कमजोर वर्ग सरकार की प्राथमिकता
चौहान ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, दिव्यांगजन और गरीब वर्ग सरकार की रोजगार नीति के केंद्र में हैं। उन्होंने बताया कि देश के 85 प्रतिशत से अधिक किसान लघु एवं सीमांत हैं, जिन्हें बुवाई और कटाई के समय अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होती है।
ग्राम पंचायतों को मिलेगा अधिकार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित कानून के तहत ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा, जिससे पारदर्शिता और विकेंद्रीकृत योजना को बढ़ावा मिलेगा।
छह महीने में लागू होगा कानून
उन्होंने स्पष्ट किया कि संक्रमणकालीन अवधि के चलते यह अधिनियम छह महीने के भीतर लागू किया जाएगा और तब तक एमएनआरईजीए जारी रहेगा। साथ ही, संसदीय बहस के दौरान राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष से अपील की कि वे कल्याणकारी सुधारों का राजनीतिकरण करने के बजाय सत्य को समझें और उसका समर्थन करें।
