राहुल गांधी ने धारावी में चमड़ा उद्योग श्रमिकों से की मुलाकात, पुनर्विकास परियोजना पर उठाए सवाल
मुंबई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने धारावी में चमड़ा उद्योग से जुड़े श्रमिकों और स्थानीय निवासियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर गंभीर सवाल उठाए और दावा किया कि इस परियोजना का टेंडर अडाणी समूह को देने में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने धारावी के निवासियों के हितों की अनदेखी की है।
धारावी पुनर्विकास पर राहुल का हमला
राहुल गांधी ने कहा कि यदि महाविकास अघाड़ी सरकार सत्ता में आती है, तो इस टेंडर की समीक्षा की जाएगी और धारावी के निवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अडाणी समूह के बीच घनिष्ठ संबंध हैं, जो इस परियोजना में साफ दिखाई दे रहे हैं।
क्या है धारावी पुनर्विकास योजना?
इस योजना के तहत 1 जनवरी 2000 या उससे पहले से वहां रह रहे निवासियों को 350 वर्ग फीट का मकान दिया जाएगा, जबकि 1 जनवरी 2000 से 1 जनवरी 2011 के बीच बसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत धारावी के बाहर 300 वर्ग फीट का मकान मिलेगा, जिसके लिए उन्हें ढाई लाख रुपये का भुगतान करना होगा।
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह परियोजना महाराष्ट्र सरकार के अधीन है और निवासियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार के दौरान ही इस टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
धारावी, एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती, में लगभग 10 लाख लोग रहते हैं। इस पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य वहां के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाना है, लेकिन वर्तमान में यह राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।