केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार से जुड़ी याचिकाओं पर अलग-अलग तिथियों में होगी सुनवाई
नई दिल्ली। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में की जा रही मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। साथ ही बिहार से संबंधित एसआईआर याचिकाओं पर भी सुनवाई की जाएगी।
कब-कब होगी सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के मामलों के लिए अलग-अलग तिथियां तय की हैं—
- केरल: 2 दिसंबर 2025
- तमिलनाडु: 4 दिसंबर 2025
- पश्चिम बंगाल: 9 दिसंबर 2025
- बिहार: संबंधित याचिकाओं पर इन्हीं सुनवाई तिथियों के साथ सुनवाई होगी
चुनाव आयोग और विभिन्न राज्य चुनाव आयोगों को 1 दिसंबर तक अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

केरल एसआईआर स्थगन मामला
केरल में स्थानीय निकाय चुनावों के कारण एसआईआर प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका गया था।
वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने अदालत को बताया कि—
- संबंधित याचिकाएँ मद्रास हाईकोर्ट में दायर हो चुकी हैं।
- 99% से अधिक मतदाताओं को फॉर्म मिल चुके हैं।
- 50% से अधिक फॉर्म डिजिटल रूप से जमा किए जा चुके हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने केरल एसआईआर पर इंटरिम स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
तमिलनाडु एसआईआर: जवाब दाखिल करने का निर्देश
तमिलनाडु से जुड़े एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षकारों को—
- दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराने
- 3 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने
का आदेश दिया है।
पश्चिम बंगाल: बीएलओ की मौतों पर गंभीर चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत को यह जानकारी दी गई कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 23 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की मौत हो चुकी है।
इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने—
- पश्चिम बंगाल चुनाव कार्यालय
- राज्य चुनाव आयोग
- भारतीय चुनाव आयोग
से 1 दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट और जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित यह सुनवाई कार्यक्रम मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित सभी राज्यों में जारी प्रक्रियाओं की स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
