भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित सैन्य संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय दावों पर सियासी घमासान तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने भी यह दावा किया है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद चार दिनों तक चले भारत-पाक तनाव को कम कराने में भूमिका निभाई थी। चीन के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बयान को गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह के दावे भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा का मज़ाक उड़ाने जैसे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि बीजिंग के पाकिस्तान के साथ गहरे रक्षा संबंध हैं और वह इस्लामाबाद को हथियारों की आपूर्ति करता रहा है, ऐसे में चीन का मध्यस्थता का दावा बेहद चिंताजनक है।
ट्रंप के दावों के बाद चीन का बयान
जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से यह दावा करते आ रहे हैं कि उन्होंने 10 मई 2025 को व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाया था। कांग्रेस के मुताबिक ट्रंप ने यह दावा अलग-अलग मंचों पर कई बार दोहराया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बयानों पर कभी सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
अब चीनी विदेश मंत्री द्वारा भी इसी तरह का दावा किया जाना सवाल खड़े करता है। रमेश ने कहा कि 4 जुलाई 2025 को सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का वास्तविक सामना चीन से हो रहा था, जो पाकिस्तान के साथ खड़ा था।
“चीनी दावा हमारे बयान के विपरीत”
कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे में चीन द्वारा भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा न केवल देश की जनता को अब तक जो जानकारी दी गई है, उसके विपरीत है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है।
उन्होंने कहा, “जब चीन स्पष्ट रूप से पाकिस्तान के साथ खड़ा था, तब उसका खुद को शांति दूत के रूप में पेश करना भारत की सुरक्षा नीति पर सवाल खड़े करता है।”
प्रधानमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चीन के साथ संबंधों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने चीन से बातचीत उसकी शर्तों पर की है, जिससे देश की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने 19 जून 2020 के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री द्वारा चीन को क्लीन चिट देने की बात कही गई थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आज भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर है, कई निर्यात चीनी आयात पर निर्भर हैं और अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की उकसावे वाली गतिविधियां लगातार जारी हैं।
केंद्र से स्पष्टीकरण की मांग
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने में चीन की वास्तविक भूमिका क्या थी। पार्टी का कहना है कि मौजूदा हालात में देश की जनता को पूरी सच्चाई जानने का अधिकार है।
