हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘गोल्ड कार्ड’ कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेशकों और पेशेवरों को अमेरिका में आकर्षित करना है। इस पहल के तहत, विशेष रूप से भारतीय नागरिकों को अमेरिका में निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कार्यक्रम के बारे में कहा, “हमारा लक्ष्य विश्वभर से प्रतिभाशाली और निवेशकों को अमेरिका में आमंत्रित करना है, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय पेशेवरों और उद्यमियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, और यह कार्यक्रम उन संबंधों को और मजबूत करेगा।
‘गोल्ड कार्ड’ धारकों को अमेरिका में दीर्घकालिक वीज़ा, कर प्रोत्साहन, और व्यापारिक सुविधाओं जैसे लाभ मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय उद्यमियों और पेशेवरों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है, जिससे उन्हें अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने और विस्तार करने में सहायता मिलेगी।
हालांकि, कुछ आलोचकों का कहना है कि इस कार्यक्रम के नियम और शर्तें स्पष्ट नहीं हैं, और इसे सफल बनाने के लिए पारदर्शिता और सरल प्रक्रियाओं की आवश्यकता होगी। फिर भी, अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि ‘गोल्ड कार्ड’ पहल भारतीयों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकती है और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत कर सकती है।
क्या डोनाल्ड ट्रंप का Gold Card भारतीयों के लिए गेम चेंजर साबित होगा? जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बारे में क्या कहा?
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