अमेरिकी राजनीति में भूचाल मच गया है। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक पोल डालकर पूछा कि क्या अमेरिका में अब नई राजनीतिक पार्टी बनाने का वक्त आ गया है, जो ‘बीच के 80% मध्य वर्ग’ का प्रतिनिधित्व कर सके।
मस्क के इस पोल ने अमेरिका में दो-दलीय व्यवस्था के प्रति गुस्से और असंतोष को उजागर कर दिया। कुछ ही घंटों में 3 लाख से ज्यादा लोगों ने पोल में हिस्सा लिया और 84% ने नई पार्टी बनाने के पक्ष में वोट दिया।
ट्रंप से तनातनी, सरकारी ठेके रद्द करने की धमकी
मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तकरार खुलकर सामने आ गई है। मस्क ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के बिलों की आलोचना करते हुए कहा, “अगर मैं न होता तो ट्रंप चुनाव हार जाते, डेमोक्रेट्स संसद पर कब्जा कर लेते और सीनेट में रिपब्लिकन मुश्किल से 51-49 से जीतते।”
ट्रंप ने भी पलटवार करते हुए मस्क को ‘विश्वाघाटी’ बताया और उनकी कंपनियों को दिए जाने वाले अमेरिकी सरकारी अनुबंध और सब्सिडी को रद्द करने की धमकी दी। ट्रंप ने कहा, “मुझे हमेशा हैरानी होती थी कि बाइडेन ने ऐसा क्यों नहीं किया।”
मस्क ने पुरानी पोस्ट शेयर कर ट्रंप को घेरा
मस्क ने संसद पर भी हमला बोला और कहा कि अमेरिकी संसद देश को दिवालियेपन की ओर ले जा रही है। उन्होंने ट्रंप और उनकी टीम की पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया।
क्या मस्क बनाएंगे नई पार्टी?
मस्क के इस कदम को अमेरिका की दो-दलीय व्यवस्था के खिलाफ बगावत माना जा रहा है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि मस्क वाकई नई पार्टी बनाने जा रहे हैं या फिर यह ट्रंप के खिलाफ दबाव की राजनीति है।
फिलहाल, मस्क के इस कदम से अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज हो गई है। क्या वाकई मस्क नई पार्टी बनाकर ट्रंप को चुनौती देंगे या यह सिर्फ सोशल मीडिया स्टंट है?
