इटली। इटली के लैम्पेदुसा द्वीप के पास बुधवार को एक नाव पलटने से बड़ी मानव त्रासदी घटित हुई। नाव में करीब 100 प्रवासी सवार थे। इस हादसे में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। इतालवी तटरक्षक बल और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने घटना की पुष्टि की है।
हादसे की परिस्थितियां
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के प्रवक्ता फ्लेवियो डि गियाकोमो के अनुसार, लगभग 95 प्रवासी दो नावों में लीबिया से रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान एक नाव में पानी भरने लगा, जिसे देखकर यात्रियों को दूसरी फाइबर ग्लास नाव में स्थानांतरित किया गया। अतिरिक्त भार के कारण यह नाव असंतुलित होकर पलट गई, जिससे बड़ा हादसा हुआ।
बचाए गए और लापता लोग
UNHCR के प्रवक्ता फिलिपो उंगारो ने बताया कि लैम्पेदुसा स्थित शरणार्थी केंद्र पर 60 प्रवासी सुरक्षित पहुंचाए गए। हादसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। तटरक्षक दल अभी भी लापता लोगों की खोज में जुटा हुआ है।
समुद्री मार्ग और पिछले हादसे
UNHCR के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक मध्य भूमध्यसागरीय मार्ग से इटली पहुंचने के प्रयास में 675 प्रवासियों की मौत हो चुकी है। इसी अवधि में 30,060 शरणार्थी और प्रवासी समुद्री मार्ग से इटली पहुंचे, जो पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है।
IOM के अनुसार, उत्तरी अफ्रीका से दक्षिणी यूरोप जाने वाला यह अनियमित समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे खतरनाक मार्गों में से एक है। पिछले दशक में इस मार्ग को पार करने की कोशिश के दौरान लगभग 24,500 लोग मारे गए या लापता हुए। सबसे भीषण हादसा 3 अक्टूबर 2013 को हुआ था, जब इरिट्रिया, सोमालिया और घाना के 500 से अधिक शरणार्थियों से भरी नाव में आग लगने के बाद वह डूब गई, जिसमें कम से कम 368 लोगों की मौत हुई थी।