Evidence of Ancient Water on Mars: नासा के पर्सेवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह पर एक बेहद रोमांचक खोज की है। रोवर ने जेजेरो क्रेटर में 3.5 अरब साल पुराने प्राचीन समुद्र तट के संकेत पाए हैं, जो यह बताता है कि लाल ग्रह पर कभी पानी और रहने योग्य वातावरण मौजूद था। यह खोज मंगल पर प्राचीन जीवन की संभावना को और मजबूत करती है।
जेजेरो क्रेटर में समुद्र तट के प्रमाण
रोवर द्वारा भेजी गई हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों और नमूनों के विश्लेषण से पता चला कि क्रेटर में ‘मार्जिन यूनिट’ क्षेत्र में लहरों से बने समुद्र तट और भूमिगत पानी से बदली चट्टानें मौजूद हैं। यहां कार्बोनेट युक्त रेत के घिसे हुए दाने भी मिले हैं, जो प्राचीन लहरों की गतिविधियों का संकेत देते हैं।
इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने बताया कि समुद्र तट पृथ्वी पर जीवन के पनपने के लिए सबसे अनुकूल स्थान होते हैं। इसी तरह, मंगल पर यह खोज यह दर्शाती है कि यहाँ कभी पृथ्वी जैसी स्थिर जलवायु और तरल पानी रहा होगा।
सूक्ष्म जीवन की संभावना
सतह के नीचे पानी लंबे समय तक मौजूद रहने से चट्टानों में लगातार बदलाव होते रहे। प्रोफेसर संजीव गुप्ता के अनुसार, पृथ्वी पर ऐसे हाइड्रोथर्मल वातावरण सूक्ष्म जीवों के अस्तित्व के लिए उपयुक्त होते हैं। यही कारण है कि यह खोज मंगल पर प्राचीन सूक्ष्म जीवन की संभावना की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
भविष्य की जांच और मिशन की महत्वता
पर्सेवरेंस रोवर 2021 से जेजेरो क्रेटर में खोज में जुटा है। इस दौरान उसने चट्टानों और रेगोलिथ के कई महत्वपूर्ण कोर सैंपल इकट्ठा किए हैं, जिन्हें भविष्य में पृथ्वी पर लाकर विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। ये जांच हमें मंगल के रहस्यों और वहां संभावित जीवन के बारे में नई जानकारी प्रदान करेंगी।
मंगल पर जीवन की नई उम्मीद
नवीनतम निष्कर्ष बताते हैं कि मंगल पर यह शांत झील पहले अनुमान से कहीं अधिक समय तक मौजूद रही होगी। यह खोज न केवल लाल ग्रह पर जीवन की संभावना को बढ़ाती है, बल्कि वैज्ञानिकों के दृष्टिकोण और भविष्य की रिसर्च को भी पूरी दिशा देगी।
