क्राइस्ट द रिडीमर (Christ the Redeemer) ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो में स्थित एक प्रसिद्ध मूर्ति है, जो ईसा मसीह को दर्शाती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी आर्ट डेको मूर्तियों में से एक है और इसे आधुनिक दुनिया के सात अजूबों में भी शामिल किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ और इतिहास इस प्रकार हैं:
मुख्य जानकारी:
- स्थान:
कोरकोवाडो पर्वत, तिजुका नेशनल फॉरेस्ट, रियो डी जनेरियो, ब्राज़ील। - ऊंचाई:
- मूर्ति की ऊंचाई: 30 मीटर (98 फीट)।
- आधार की ऊंचाई: 8 मीटर (26 फीट)।
- कुल ऊंचाई: 38 मीटर (125 फीट)।
- हाथों का फैलाव: 28 मीटर (92 फीट)।
- निर्माण सामग्री:
- रिइनफोर्स्ड कंक्रीट और सोपस्टोन।
- निर्माण की अवधि:
1922 से 1931 (कुल 9 साल)। - डिज़ाइनर:
- फ्रेंच मूर्तिकार पॉल लैंडोव्स्की ने डिजाइन किया।
- इंजीनियरिंग का काम हेइतोर दा सिल्वा कोस्टा ने किया।
- मूर्ति को आकार देने में फ्रेंच इंजीनियर अल्बर्ट कैकोट और रोमानियाई मूर्तिकार गेटर डा सिल्वा कोस्टा का भी योगदान रहा।
- उद्घाटन:
12 अक्टूबर 1931।
इतिहास:
- इस मूर्ति को बनाने का विचार 1850 के दशक में आया, लेकिन इसे 1920 में ब्राज़ील की कैथोलिक चर्च ने फिर से प्रस्तावित किया।
- मूर्ति ईसा मसीह के प्रतीक के रूप में बनाई गई, जो शांति, प्रेम और ईश्वर की शक्ति को दर्शाती है।
- इसके निर्माण के लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय धन जुटाया गया।
विशेषताएँ:
- धार्मिक प्रतीक:
यह मूर्ति ईसा मसीह की बाहें फैला कर पूरे मानवता को गले लगाने का प्रतीक है। - पर्यटन आकर्षण:
यह रियो डी जनेरियो का प्रमुख पर्यटन स्थल है। हर साल लाखों लोग इसे देखने आते हैं। - रात का दृश्य:
रात में इस मूर्ति को रोशनी से सजाया जाता है, जो इसे और भी भव्य बनाता है। - आधुनिक अजूबा:
2007 में इसे दुनिया के नए सात अजूबों में शामिल किया गया।
कैसे पहुँचें:
- कोरकोवाडो पर्वत तक ट्रेन, कार, या हाइकिंग के जरिए पहुँचा जा सकता है।
- मूर्ति के करीब तक पहुँचने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा भी है।
क्राइस्ट द रिडीमर न केवल ब्राज़ील का, बल्कि पूरी दुनिया का सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीक बन चुका है। यह शांति और एकता का संदेश देता है।