ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने वाला कानून पास किया है। यह कदम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिसमें साइबरबुलीइंग, लत, और अनुपयुक्त सामग्री के संपर्क में आने की समस्याएं शामिल हैं। नया कानून 2025 से लागू होगा, और इसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को कड़े उम्र सत्यापन उपाय लागू करने होंगे, जिससे 16 साल से कम उम्र के बच्चे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और स्नैपचैट पर अकाउंट नहीं बना सकेंगे या उपयोग नहीं कर पाएंगे।
कंपनियों को इस नए कानून के तहत एक साल का समय मिलेगा ताकि वे उम्र सत्यापन की प्रक्रिया लागू कर सकें। अगर कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करतीं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो बार-बार उल्लंघन करने पर 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक बढ़ सकता है। कंपनियों को इस उद्देश्य के लिए उन्नत उम्र सत्यापन तकनीकों का विकास करना होगा, जैसे चेहरे की पहचान और डिजिटल आईडी सिस्टम, हालांकि इसके साथ ही गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी उठी हैं।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बेनीज़ ने इस कानून की सराहना करते हुए इसे डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस नए कानून का उद्देश्य बच्चों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ ऑनलाइन वातावरण बनाना है, जो अन्य देशों को भी इसी दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।