पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि बलूचिस्तान के विशाल भौगोलिक क्षेत्र के कारण वहां उग्रवादी हिंसा से निपटना सुरक्षा बलों के लिए बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में आतंकवाद-विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने 177 उग्रवादियों को मार गिराया है।
नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे कम आबादी वाला प्रांत है, जो देश के कुल भूभाग का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। ऐसे विशाल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और गश्त करना किसी घनी आबादी वाले शहर की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्र की विशालता के कारण हर जगह प्रभावी निगरानी और नियंत्रण करना शारीरिक रूप से कठिन हो जाता है।
12 जगहों पर एकसाथ हुए हमले
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में उग्रवादियों ने प्रांत के 12 स्थानों पर एक साथ हमले किए थे, जिसके बाद बड़े पैमाने पर आतंकवाद-विरोधी अभियान शुरू किए गए। इन हमलों में कम से कम 17 पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि दर्जनों नागरिकों की भी जान गई।
ख्वाजा आसिफ ने बताया कि सप्ताहांत में हुई हिंसा में 33 नागरिकों और 17 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है।
बीएलए से बातचीत से इनकार
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और निर्दोष नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों से बातचीत का कोई सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ आपराधिक गिरोह बीएलए के नाम का इस्तेमाल कर हिंसक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए बलूचिस्तान में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की आवश्यकता है, ताकि उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
