भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। इस हमले में कम से कम 70 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। भारत ने पीड़ितों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि मस्जिद में हुआ यह बम धमाका निंदनीय है और भारत इस दुखद घटना में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त करता है। साथ ही, पाकिस्तान द्वारा इस हमले के लिए ‘बाहरी ताकतों’ को जिम्मेदार ठहराने के प्रयास को सिरे से खारिज किया गया।
बयान में कहा गया, “अपने समाज को परेशान करने वाली समस्याओं को गंभीरता से दूर करने के बजाय, पाकिस्तान अपनी घरेलू बुराइयों के लिए दूसरों को दोष देकर खुद को भ्रम में रखना पसंद करता है। भारत ऐसे किसी भी आरोप को खारिज करता है, जो उतना ही आधारहीन है जितना कि व्यर्थ।”
अधिकारियों के अनुसार, यह शक्तिशाली विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई क्षेत्र स्थित खदीजा अल कुबरा मस्जिद सह इमामबाड़ा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर को प्रवेश द्वार पर रोका गया था, लेकिन उसने वहीं विस्फोट कर दिया। विस्फोट की आवाज दूर तक सुनी गई और घटनास्थल पर भारी तबाही देखी गई।
पुलिस सूत्रों ने आशंका जताई कि हमलावर विदेशी नागरिक था और उसके संबंध फितना अल ख्वाराजी से हो सकते हैं, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए प्रयुक्त शब्द है। हालांकि, TTP प्रवक्ता ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है। हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है।
घटना में इस्लामाबाद पुलिस प्रमुख के परिजन भी प्रभावित हुए बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट से पहले गोलीबारी भी हुई। टेलीविजन फुटेज में मस्जिद परिसर में मलबा, टूटा कांच और घायल लोगों को देखा गया।
भारत की प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि सीमा पार से लगाए जाने वाले आरोपों को वह स्पष्ट रूप से खारिज करता है, साथ ही आतंकवाद की घटनाओं की सख्त निंदा करता है।
